देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक 32 वर्षीय महिला नाले में गिरी और दो दिन बाद उसकी लाश समुद्र में पाई गई। मामला असल्फा का है जहां शनिवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक महिला खुले गटर में गिरकर बह गई। उस महिला का शव हाजी अली समुद्र में पाया गया है। मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) दोनों ने ही इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक का नाम शीतल भानुशाली है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पी वेलरासु ने उपायुक्त से जांच कराने का आदेश दिया है। वेलरासु ने कहा कि जांच रिपोर्ट 15 दिन में मिल जाएगी। घटना की जांच में आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे। उधर, ताड़देव पुलिस ने भी जांच शुरू की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गटर की जाली दुर्घटना के चार दिन पहले से खुली थी। इसके लिए बीएमसी जिम्मेदार है। इस घटना से बॉम्बे अस्पताल के डॉ. दीपक अमरापुरकर की याद फिर ताजा हो गई है। डॉ. अमरापुरकर वर्ष 2017 में बारिश के दौरान एल्फिस्टन इलाके में खुले गटर में गिर गए थे। उनका शव वरली-कोलीवाडा के समुद्र में मिला था। पिछले वर्ष जुलाई में गोरेगांव में एक 3 साल का बच्चा भी गटर में गिरकर बह गया था।
शीतल भानुशाली का शव असल्फा से करीब 22 किलोमीटर दूर हाजी अली समुद्र में बह कर आ गया। बीएमसी के अधिकारी इस पर आश्चर्य जता रहे हैं। उनका कहना है कि असल्फा से हाजी अली की दूरी कम से कम 20 से 22 किमी है। महिला का शव बहकर सीधे हाजी अली के समुद्र में आ गिरा जो कि संभव नहीं लग रहा है क्योंकि गटर की लाइन के बीच-बीच में कचरा निकालने के लिए जगह-जगह मोटी-मोटी जालियों की ग्रिल लगी है। असल्फा से आगे साकीनाका में लगी ग्रिल से प्रतिदिन रुके हुए कचरे को निकाला जाता है। असल्फा से आनेवाली नाले की लाइन मीठी नदी से माहिम में आकर मिली है। इसलिए बहकर आने पर शव माहिम में मिलना चाहिए था।