ताजमहल की बिगड़ती खूबसूरती को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने संबंधित प्राधिकरणों के ढुलमुल कामकाज पर कड़ा ऐतराज जताया है। एनजीटी में ताज ट्रपीजियम जोन (टीटीजेड) प्राधिकरण के खिलाफ एक नई याचिका दाखिल की गई है।
इस याचिका में आरोप है कि ताजमहल की देखभाल की जिम्मेदारी जिस प्राधिकरण पर वह लापरवाही बरत रहा है। जबकि बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते लगातार ताज की खूबसूरती बिगड़ रही है।
जस्टिस एमएस नांबियार और विशेषज्ञ सदस्य रंजन चटर्जी की पीठ ने शुक्रवार को आगरा निवासी रमन की याचिका पर विचार के बाद संबंधित प्राधिकरणों को नोटिस जारी किया है। याची की ओर से एडवोकेट संजय उपाध्याय और एडवोकेट दिव्या शर्मा ने दलीलें पेश कीं।
पीठ ने इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, ताज ट्रपीजियम जोन प्राधिकरण, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी।
याची का आरोप है कि ताजमहल का संरक्षण और बचाव करने वाला ताज ट्रपीजियम जोन प्राधिकरण का रवैया बेहद ढीला है। जबकि ताज के इर्द-गिर्द प्रदूषण का स्तर काफी चिंताजनक है।