दुनिया के कई देशों के आसमान पर सोमवार की रात काफी बड़ा और चमकीला चांद दिखाई दिया। सत्तर बाद दिखाई देने वाला यह चंद्रमा अब 2034 तक इस खूबसूरती के साथ देखने को नहीं मिलेगा। वैज्ञानिकों ने इसे सुपर मून का नाम दिया है जो आमतौर पर दिखने वाले चंद्रमा से करीब 7 प्रतिशत बड़े आकार का और 15 फीसदी अधिक चमकदार था।
इससे पहले यह चंद्रमा 1948 में इतना बड़ा और चमकदार देखा गया था। जो लोग सोमवार को इस चंद्रमा की खूबसूरती नहीं निहार सके अब उन्हें पूरी 18 वर्ष तक इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, पृथ्वी की परिक्रमा करते वक्त चंद्रमा इस दिन धरती के सबसे करीबी बिंदु पर देखा गया था।
चूंकि धरती की कक्षा पूरी तरह से गोल न होकर दीर्घवृत्ताकार है इसलिए जब चंद्रमा धरती के काफी करीब होता है तब वह चमकीला और बडे़ आकार का दिखाई देने लगता है। विज्ञान की भाषा में इसे सुपर मून कहा जाता है।
यह चंद्रमा सोमवार की रात करीब 8.09 बजे धरती से करीब 3 लाख 56 हजार 111 किलोमीटर की दूरी से होकर गुजरा। उत्तरी अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में यह सुपर मून दिखाई दिया। कई वैधशालाओं ने सुपर मून की बेहतर तस्वीरें भी ली हैं। इसे सुपर मून का नामकरण सबसे पहले करीब 30 साल पूर्व एस्ट्रोलोजर रिचर्ड नोएल ने दिया था।