जीवित पशुओं के निर्यात की खबर से हुआ बवाल
इसी बीच मीडिया में यह खबर आ गई कि सरकार ने गत दिनों 1500 जीवित बकरे, और इसके पूर्व 3000 जीवित पशुओं का निर्यात किया है। इस खबर से पशु प्रेमियों की नींद उड़ गई। पशु प्रेमियों की आपत्ति है कि वायुयान में जीवित पशुओं को ले जाने की अब तक कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
यात्रा के दौरान पशुओं के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए अत्यधिक शोर, सांस लेने के लिए कम ऑक्सीजन की उपस्थिति और कम जगह होने की परिस्थितियों के बीच उन्हें किस प्रकार ले जाया गया, यह एक गंभीर विषय है।
सरकार पर आरोप
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ आर्थिक लाभ के लिए सारे मानक ताक पर रख दिये गए। जैन ने कहा कि चुनाव के समय पूरे देश में किसानों की चिंता करने वाले नेता आज पशुओं को बेचकर धन कमाने पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं, जबकि सभी जानते हैं कि किसानों का असली हित पशुओं को पालने में ही होता है।
जैन ने कहा कि सरकार के इस रवैये के खिलाफ हम रविवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अगर वह अपनी नीतियों को नहीं बदलती है तो पूरे देश में उसके खिलाफ व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।