महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि स्कॉलरशिप वाले खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर बैंक की तरफ से लगाई गई जुर्माने की राशि को वापस किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से महाराष्ट्र के एक छात्र की शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा था। छात्र ने खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रख पाने के कारण जुर्माने के संबंध में शिकायत की थी। महाराष्ट्र में जिला परिषद् सदस्य की शिकायत के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जुर्माने के रूप में 467 रुपये काट लिए थे।
एनसीपीसीआर अधिकारी ने बताया कि छात्र के खाते में 400 रुपये थे। अधिकारी ने कहा कि आयोग ने एसबीआई और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन करने के बारे में पूछा था।
अधिकारी ने आरबीआई सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि आरबीआई ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी थी कि विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की स्कॉलरशिप योजना के लाभार्थी छात्रों के खाते न्यूनतम बैलेंस के दायरे से मुक्त रखे जाएं।
मंत्री ने कहा निर्देशों का पालन करते हुए एसबीआई ने कहा है कि वह जुर्माने के रूप में ली गई राशि को वापस कर देगा।