पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच बन रहे महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद बड़ा रोड़ा बन गया है। लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने खुद को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाकर पेश किए जाने का प्रस्ताव दिया जो वाम मोर्चा को स्वीकार्य नहीं है।
पिछले चुनाव में भी कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच महाजोत यानी महागठबंधन हुआ था। प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस सिर्फ 92 सीटों पर लड़ी थी जबकि सीपीएम केवल 26 सीटें ही जीत पाई थी। शेष 55 सीटें फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और सीपीआई के बीच बंटी थी।
हालांकि वे इनमें से महज 6 सीटें ही जीतने में कामयाब हुए थे। पिछले चुनाव में बेहतर स्ट्राइक रेट के चलते कांग्रेस इस बार न सिर्फ अधिक सीटें लड़ना चाह रही है बल्कि उसने मुख्यमंत्री पद पर भी दावा ठोक दिया है। लेकिन लगातार 34 वर्षों पश्चिम बंगाल पर शासन करने वाली सीपीएम को यह स्वीकार नहीं है। सीपीएम केंद्रीय समिति के एक सदस्य ने कहा कि अभी इस पर टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी।