राज्यसभा में भाजपा ने सदन के नेता को बदल दिया है। अब पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की जगह पार्टी ने थावर चंद गहलोत को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। गहलोत मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
थावर चंद गहलोत को दूसरी बार मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वे बीजेपी के दलित चेहरों में से एक हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी थावर चंद गहलोत सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण मामलों के मंत्री रहे हैं।
थावर चंद गहलोत का जन्म 18 मई 1948 को मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में हुआ था। उन्होंने उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। गहलोत 1996 से 2009 के दौरान शाजापुर लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं।
2009 में गहलोत को कांग्रेस पार्टी के सज्जन सिंह वर्मा से हार मिली थी। सज्जन सिंह वर्मा फिलहाल मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। 2012 में थावर चंद गहलोत राज्यसभा सदस्य चुने गए, 2018 में उन्हें दोबारा राज्यसभा सदस्य चुना गया। राज्यसभा सदस्य के तौर पर उनका कार्यकाल 2024 में खत्म होगा।
बता दें कि भाजपा नेता अरुण जेटली की स्वास्थ्य कारणों के चलते पिछले कुछ समय से राजनीतिक रूप से सक्रियता घटी है। हाल में हुए लोकसभा चुनाव के बाद वित्त मंत्रालय संभाल रहे अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के शपथग्रहण से पहले ही खत लिखकर ऐलान किया था कि स्वास्थ्य कारणों से उनका पद पर बने रहना संभव नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की थी कि उन्हें मंत्रिमंडल का हिस्सा दोबारा न बनाएं।