मुंबई की जासूस रजनी पंडित को भारत की पहली महिला जासूस कहा जाता है। वह हाल ही में ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे के फेसबुक पेज पर फीचर हुईं। यहां उन्होंने अपने सबसे मुश्किल केस, हत्या की जांच के बारे में बताया। उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस पोस्ट को 30 अक्तूबर को फेसबुक पर साझा किया गया था। इसपर अबतक 23 हजार प्रतिक्रिया आ चुकी हैं और 2,106 शेयर हो चुके हैं।
इस
फेसबुक पोस्ट में पंडित ने बताया है कि कैसे वह जासूस बनीं। अपने कॉलेज के पहले साल के दौरान उन्होंने अपने साथियों के घर पर चोरी के बारे में सुना और जांच करने का ऑफर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से ही उत्सुक शख्स रही हूं। मेरे पिता सीाईडी में थे। उनसे मैंने सघन जांच की कला सीखी।' वह इस मामले को सुलझाने में सफल रहीं और 22 साल की उम्र में जासूस के तौर पर उनके करियर की शुरुआत हुई।
रजनी के द्वारा मामला सुलझाने की बात जैसे ही फैली, बहुत से लोग उनके पास अपने केस को सुलझाने के लिए पहुंचने लगे। उनका सबसे मुश्किल केस एक हत्या की जांच करना था। उन्होंने कहा, '6 महीनों तक मैं नौकरानी के तौर पर एक महिला के घर रह रही थी, जिसपर हत्या का शक था। चीजें उस समय मुश्किल हो गईं जब महिला को उनपर शक होने लगा। उसने मुझे बाहर जाने से एकदम रोक दिया था।'
उन्होंने आगे बताया, 'एक दिन महिला द्वारा हायर किया गया हिटमैन (मारने वाला) उससे मिलने के लिए आया। मुझे पता चला कि अब मेरी बारी है। इसी वजह से मैंने अपना पैर चाकू से काट दिया और उससे कहा कि मुझे
पट्टी करवाने के लिए बाहर जाना पड़ेगा। इसके बाद मैं वहां से भागी और एसटीडी बूथ से अपने क्लाइंट को फोन करके पुलिस के साथ आने के लिए कहा। उस दिन दोनों गिरफ्तार हो गए।'
पंडित की पोस्ट को फेसबुक पर बहुत से लोगों से प्रतिक्रियाएं मिली हैं। एक यूजर ने लिखा, 'बॉलीवुड को उनपर फिल्म बनानी चाहिए।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'क्या बात है। इसे प्रोफेशन के तौर पर लेने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए।' तीसरे यूजर ने लिखा, 'उनकी जिंदगी कितनी दिलचस्प है।' चौथे यूजर ने कहा, 'वह एक प्रेरणा हैं। नौकरानी के तौर पर अंडरकवर काम करना। यह किसी जासूस की किताब सा लगता है।'