राहुल गांधी, सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और माकपा नेता सीताराम येचुरी को समन जारी किया है। अदालत ने पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड से कथित तौर पर आरएसएस को जोड़कर उसे बदनाम करने के आरोपों पर जवाब देने के लिए दोनों को 30 अप्रैल को अदालत के सामने पेश होने को कहा है।
राहुल और येचुरी को ये समन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता विवेक चंपानेरकर की तरफ से दायर सिविल मानहानि याचिका पर जारी किया गया है। इस याचिका में राहुल और येचुरी से क्षतिपूर्ति के तौर पर प्रतीकात्मक रूप से एक रूपये की मांग की गयी है।
विवेक चंपानेरकर का दावा है कि दोनों नेताओं ने लंकेश की हत्या से जोड़कर आरएसएस को बदनाम किया है। मामले की सुनवाई कर रहे सिविल जज जे एस भाटिया ने राहुल और येचुरी को समन जारी करने का आदेश देते हुए उन्हें 30 अप्रैल को अदालत में पेश होने के लिए कहा है।
अदालत में दायर अपनी याचिका में चंपानेरकर ने कहा है कि हिंसा की किसी भी घटना के लिए आरएसएस को दोषी ठहराना राहुल और येचुरी की आदत है और इसे रोके जाने की जरूरत है। चंपानेरकर के वकील आदित्य आर मिश्रा ने कहा कि उनके मुवक्किल ने पिछले सप्ताह दोनों नेताओं के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी।