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Maharashtra: ठाणे कोर्ट से अमेरिकी नागरिक और दो भारतीयों को मिली जमानत, धर्म परिवर्तन के आरोप में थे गिरफ्तार

Fri, 31 Oct 2025 08:48 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

Maharashtra: ठाणे जिले की भिवंडी अदालत ने धार्मिक परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक जेम्स लियोनार्ड वॉटसन और दो भारतीयों साईंनाथ सर्पे व मनोज कोल्हा को जमानत दे दी। इस मामले में अदालत ने कहा कि उन्हें जेल में रखने से कोई फायदा नहीं होगा और यह याद दिलाया कि जमानत नियम है, जेल अपवाद।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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ठाणे जिले की एक अदालत ने एक अमेरिकी नागरिक और दो भारतीयों को जमानत दे दी है, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि उन्हें जेल में रखने से कोई फायदा नहीं होगा और यह याद दिलाया कि कानून के अनुसार 'जमानत नियम है, जेल अपवाद।' अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एन. एल. काले ने भिवंडी की अदालत में सुनवाई के दौरान अमेरिकी नागरिक जेम्स लियोनार्ड वॉटसन, और स्थानीय निवासी साईंनाथ गणपति सर्पे, मनोज गोविंद कोल्हा को राहत दी। अदालत ने तीनों को 30,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी।
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तीनों पर क्या हैं आरोप?
भिवंडी तालुका पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 3 अक्तूबर को ठाणे जिले के भुईशेत गांव में एक प्रार्थना सभा के दौरान ये तीनों लोग ईसाई धर्म के प्रचार में लगे थे और कथित रूप से हिंदू समुदाय के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने लोगों को शराब दी और कहा कि इससे उनके दुख-दर्द दूर होंगे और बीमारियां ठीक हो जाएंगी। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि उन्होंने नाबालिग लड़कियों को जबरन शराब देने की कोशिश की। वॉटसन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने बिजनेस वीजा का दुरुपयोग करते हुए धार्मिक प्रचार किया।
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किन धाराओं में मामला दर्ज?
तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS)की संबंधित धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र अंध श्रद्धा निर्मूलन और काला जादू कानून, 2013, और वॉटसन पर विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या कहा?
न्यायाधीश काले ने कहा कि आरोपित अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष से ज्यादा नहीं है, और अभी तक जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि अमेरिकी नागरिक वॉटसन ने जबरन किसी को धर्म परिवर्तन के लिए शराब पिलाई। अदालत ने यह भी माना कि अमेरिकी नागरिक वैध पासपोर्ट और वीजा के साथ भारत आया था। न्यायाधीश ने कहा, 'कानूनी सिद्धांत है कि जमानत नियम है, जेल अपवाद। जब जांच लगभग पूरी हो चुकी है, तो आरोपियों को जेल में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।'
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क्या हैं जमानत की शर्तें?
अदालत ने तीनों आरोपियों को यह निर्देश दिया कि वे हर बुधवार पुलिस थाने में हाजिरी दें, जब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हो जाती या एक महीने तक। उन्हें सबूतों से छेड़छाड़ न करने की चेतावनी भी दी गई है। वॉटसन को अतिरिक्त रूप से यह शर्त दी गई है कि वे अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जा सकेंगे, जब तक उनका वीजा या मुकदमा समाप्त नहीं होता।
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