ठाणे कोर्ट ने 2023 की हत्या के मामले में दो आरोपियों को बरी किया। मामले में जज एसबी अग्रवाल ने कहा कि मौत हत्या थी, पर अभियोजन पक्ष आरोपियों की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
ठाणे की एक अदालत ने 2023 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि सारे सांयोगिक साक्ष्य एक मजबूत कड़ी के रूप में जुड़ते हैं और आरोपियों की दोषसिद्धि को संदेह से परे साबित करते हैं। इस केस की सुनवाई कर रहे प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसबी. अग्रवाल ने माना कि मृतक की मौत एक हत्या (हॉमिकाइड) थी, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एक गवाह और मृतक की बेटी की गवाही से साबित किया गया है।
मामले में मृतक के परिवार वालों ने बताया कि रविंद्र खून से लथपथ हालत में मिला था और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा इरादा), आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
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