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Thailand: कैसे परिवार के बाकी सदस्यों की तरह पीएम पद से हटीं पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा, नए PM चार्नवीरकुल कौन?

Sat, 06 Sep 2025 07:25 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

थाईलैंड की संसद ने नए प्रधानमंत्री का चुनाव करते हुए अनुतिन चार्नवीरकुल को नया प्रधानमंत्री चुना है। यह चुनाव मौजूद प्रधानमंत्री पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा को कोर्ट द्वारा पीएम पद से बेदखल करने के बाद हुए थे। आइए जानते हैं क्यों हुआ थाईलैंड में इतना बड़ा फेरबदल..
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अनुतिन चार्नविराकुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थाईलैंड में दो साल में तीसरी बार प्रधानमंत्री बदल गया है। शिनावात्रा परिवार की तीसरी पीढ़ी की नेता पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा के पीएम पद से हटने के बाद गुरुवार देर रात को संसद में नए प्रधानमंत्री को चुनने के लिए वोटिंग हुई। इसके बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के नेता अनुतिन चार्नवीरकुल को नया प्रधानमंत्री चुना गया। इसी के साथ 25 वर्षों तक थाईलैंड की सत्ता पर काबिज शिनावात्रा परिवार के साथ एक अजीब रिकॉर्ड जुड़ गया। इस परिवार के सभी नेताओं को सत्ता से बेदखल होना पड़ा है। इससे पहले पेइतोंग्तर्न परिवार के तीन सदस्यों को भी सत्ता से किसी न किसी वजह से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।  

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आइए जानते है कि हाल ही में थाईलैंड की सत्ता से बेदखल हुईं शिनावात्रा परिवार की तीसरी पीढ़ी की नेता पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा कौन हैं? उनके साथ हाल ही में कौन सा विवाद जुड़ा है? कोर्ट ने उन्हें इस मामले में क्यों पीएम पद से हटाया? इससे पहले उनके परिवार से थाईलैंड की सत्ता संभालने वाले कौन-कौन किस तरह सत्ता से बेदखल हुए थे? इसके अलावा थाईलैंड के नए प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल कौन हैं?



 

कौन है पेइतोंग्तर्ण शिनावात्रा?
शिनावात्रा परिवार से थाईलैंड की कमान संभालने वाली वह सबसे कम 37 उम्र की  प्रधानमंत्री बनी हैं। वह थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थकसिन शिनावात्रा की सबसे छोटी बेटी हैं। उन्होंने थाईलैंड के प्रतिष्ठित चुलालोंगकोर्न विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान और ब्रिटेन से होटल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री ली। वह 17 साल की उम्र में सुर्खियों में आई थीं। जब वह पढ़ाई के साथ साथ मैकडॉनल्ड्स में पार्ट टाइम नौकरी कर रही थीं। इस समय उनके पिता तत्कालीन प्रधानमंत्री थे। 

शिनावात्रा के परिवार से कौन-कौन हुआ सत्ता से बेदखल, क्या रही वजह? 
पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा के राजनीतिक करियर की शुरुआत 2021 में हुई जब वह फ्यू थाई पार्टी में शामिल हुईं। द गार्डियन के अनुसार, वह अपने परिवार से थाईलैंड की सत्ता संभालने वाली चौथी सदस्य थीं। इससे पहले उनके पिता थाकसिन, बुआ यिंगलक शिनावात्रा और थकसिन के बहनोई सोमचाई वोंगसावत प्रधानमंत्री रह चुके हैं। तीनों को ही सत्ता से बेदखल किया गया था और अब पेइतोंग्तर्न को भी सत्ता ने कोर्ट के द्वारा निलंबित कर दिया गया। पेइतोंग्तर्न अपनी बुआ के बाद थाईलैंड की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं।

उनके पिता, थकसिन, 2001 में थाई राक थाई पार्टी से प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन 2006 में एक सैन्य तख्तापलट के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया, जबकि 2008 में थकसिन के बहनोई सोमचाई वोंगसावत, जो कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री रहे थे, को भी एक अदालत के फैसले के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा था। यिंगलक शिनावात्रा 2011 में प्रधानमंत्री बनीं, लेकिन 2014 में कोर्ट के फैसले और बाद में सैन्य तख्तापलट के बाद हटा दिया गया था।

पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा को प्रधानमंत्री पद से क्यों हटाया गया?
24 जुलाई, 2025 को थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर भीषण लड़ाई छिड़ गई, जो एक दशक से भी ज्यादा समय में सबसे भीषण थी। थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष प्राचीन मंदिरों और उनके आसपास की जमीन, खासकर प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम के मंदिरों, के स्वामित्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण हुआ था। इसी साल जून में थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा की तरफ से कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुआ मानेत के पिता हुन सेन को किए गए एक फोन ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। दरअसल, इस फोन कॉल को खुद हुन सेन ने लीक किया था। इसमें शिनावात्रा को हुन सेन को अंकल बुलाते और थाईलैंड की सेना की आलोचना करते सुना गया था। 

कंबोडिया के पीएम और थाईलैंड के प्रधानमंत्री के परिवार अपने-अपने देशों में लंबे समय से राजनीति में शामिल रहे हैं। यह दोनों परिवार आपस में भी काफी करीबी माने जाते हैं। हालांकि, एक फोन कॉल के लीक होने के बाद पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा को पीएम पद से हटाए जाने की मांग उठने लगी। आलोचकों ने इसे राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने और एक प्रतिद्वंद्वी नेता को सम्मान देने वाला कहा था। इसके बाद गठबंधन की सबसे बड़ी और अनुतिन की पार्टी भूमजयथाई ने खुद को अलग कर लिया। जिसके कारण संवैधानिक न्यायालय ने उन्हें निलंबित कर दिया।

अब जानें- अदालत ने क्यों की पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा पर कार्रवाई?
बीते महीने पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा को संवैधानिक अदालत ने पद से निलंबित कर दिया था। अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा ने राष्ट्र के हितों से पहले अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी और देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। उनकी बातों से यह प्रतीत हुआ कि उनके कंबोडिया के साथ व्यक्तिगत संबंध हैं। प्रतिवादी (पेइतोंग्तर्न) कंबोडियाई पक्ष की इच्छाओं का पालन करने या उनके अनुसार कार्य करने के लिए लगातार तत्पर थीं। न्यायालय के नौ न्यायाधीशों की बेंच ने पेइतोंग्तर्न के खिलाफ 6-3 के अंतर से फैसला सुनाया और उन्हें हटाने का निर्णय लिया। 

कौन है थाईलैंड के नए प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल?
अनुतिन चार्नवीरकुल एक मंझे हुए राजनेता है, जो लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। थाईलैंड में सत्ता परिवर्तनों के बीच भी उन्होंने अपनी पार्टी को मजबूती से खड़ा रखा है। शिनावात्रा सरकार में भी वह गठबंधन में एक दल के रूप में शामिल थें। उन्होंने इस पद पर पहुंचने की अपनी चाहत को कभी छुपाया नहीं है। अनुतिन एक धनी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता ने कई मंत्री पद संभाले और पारिवारिक कंस्ट्रक्शन के व्यवसाय को शुरु किया। उन्हीं की कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा नए संसद परिसर का निर्माण किया, जहां प्रधानमंत्री पद के लिए मतदान हुआ। अनुतिन को 2022 में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए थाईलैंड के मैरिवाना कानूनों (गांजे पर लगे प्रतिबंध को अपराध मुक्त) को उदार बनाने के लिए जाना जाता है। वह एक उत्साही पायलट हैं और उनके पास खुद के तीन विमान हैं।

अनुतिन 2004 से 2006 के सैन्य तख्तापलट तक थकसिन की सरकार में काम कर रहे थें। 2019 में, अपनी भूमजैथाई पार्टी का नेतृत्व करते हुए, वे थकसिन के कट्टर दुश्मन, पूर्व सेना कमांडर प्रयुथ चान-ओचा की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। लेकिन 2023 में, उन्होंने थकसिन समर्थित फ्यू थाई पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पद संभाले।

न्यूयॉर्क के हॉफस्ट्रा विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद, अनुतिन अपने परिवार की कंपनी, सिनो-थाई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन पीसीएल को संभालने लगे और 1995 में इसके प्रबंध निदेशक बन गए। यह कंपनी बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे सहित प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रही है।

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अनुतिन चार्नवीरकुल कैसे बने प्रधानमंत्री
पेइतोंग्तर्न शिनावात्रा के पद से हटने के बाद अनुतिन ने प्रधानमंत्री बनने के लिए कवायद शुरु कर दी थी। उन्होंने चार महीने के भीतर नए चुनाव के लिए संसद भंग करने के वादे पर उदारवादी विपक्षी पीपुल्स पार्टी का समर्थन हासिल कर लिया। गुरुवार को खबर आई कि पेइतोंग्तर्न के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन देश छोड़कर दुबई चले गए। मतदान से पहले एक बहस हुई जिसमें थाईलैंड की राजशाही का मुद्दा उठाया गया। इसमें कहा गया कि इसे थाई संस्कृति का मूल माना जाता है। एक सांसद ने अनुतिन से यह आश्वासन देने के लिए कहा कि संविधान में किंग महा वजीरालोंगकोर्न की भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके बाद निचले सदन में चुनाव हुए। इसमें अनुतिन चार्नवीरकुल ने पोपयुलिस्ट फ्यू थाई के चाइकासेम नीतिसिरी को हरा दिया। अनुतिन 311 मतों से विजयी हुए, जबकि चाइकासेम को 152 मत मिले।


 
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