प्रदेश सरकार की ओर से चल रही 72825 शिक्षकों की भर्ती में कोर्ट के आदेश के बाद भर्ती से वंचित टीईटी पास दूसरे अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। टीईटी मोर्चे के नेताओं ने उनसे चंदा लेकर आंदोलन को गलत दिशा में ले जाने का काम किया है, जबकि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इन अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने का आश्वासन दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर टीईटी से जुड़े नेताओं ने प्रदेश के दूर-दराज के अभ्यर्थियों को गुमराह किया कि सभी टीईटी पास लोगों को नौकरी मिलेगी और इन्हें एक मई को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर धरने में बुला लिया।
इन नेताओं ने दो मई को आमरण अनशन शुरू कर दिया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस मामले कोई महत्व नहीं दिए जाने पर टीईटी भर्ती से जुड़े नेताओं ने शाम होने तक कार्यालय पर ताला लगा दिया। इससे परेशान होकर सचिव कार्यालय के कर्मचारियों ने आंदोलनकारियों पर मुकदमा दर्ज करवा दिया।