जिवाजी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आईके मंसूरी
- फोटो : ANI
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय की कला परास्नातक परीक्षा के प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए क्रांतिकारी आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर छात्रों और भाजपा ने विरोध-प्रदर्शन किया।
वहीं, जीवाजी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आईके मंसूरी ने कहा, इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। संबंधित परीक्षक से सूचना प्राप्त की जा रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक शास्त्र के परास्नातक पाठ्यक्रम के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में बुधवार को प्रश्नपत्र 'राजनीतिक दर्शन-3, आधुनिक भारत का राजनीतिक विचार’ में सवाल पूछा गया, क्रांतिकारी आतंकवादियों की गतिविधियों का वर्णन कीजिए। चरमपंथियों और क्रांतिकारी आतंकवादियों में क्या अंतर है?
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआईडीएसओ) ने प्रश्नपत्र में क्रांतिकारी आतंकवादी शब्द लिखे जाने पर आपत्ति जताते हुए विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया और कहा कि क्रांतिकारी हमारे आदर्श हैं लेकिन उनको आतंकवादी कहना गलत है।
एआईडीएसओ की जिलाध्यक्ष मिताली शुक्ला ने सवाल किया कि क्या क्रांतिकारी आतंकवादी थे। उन्होंने कहा, क्रांतिकारी हमारे आदर्श हैं और देश को आजादी दिलाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। ऐसे में उनको आतंकवादी कहना गलत है। इससे युवाओं में गलत संदेश जाएगा। छात्रों की मांग है कि प्रश्नपत्र बनाने वाले प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो विद्यार्थी आंदोलन करेंगे।