उससे पूछताछ में यह भी पता चला कि जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी किस तरह से युवकों का ‘ब्रेनवाश’ कर रहे हैं और उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए तैयार कर रहे हैं। सभी षड्यंत्रकारियों के मारे जाने के बाद मामला लगभग रुक गया था
तभी एनआईए को आतंकवादी आदिल अहमद डार के उस मकान के बारे में जानकारी मिली, जहां उसने अपना अंतिम दुष्प्रचार वीडियो शूट किया था जिसे पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन ने बाद में जारी किया था। डार ही विस्फोटकों से भरी कार को चला रहा था।
एनआईए को 28 फरवरी को मामले में बड़ा सुराग हाथ लगा, जब इसने 22 वर्षीय शाकिर बशीर मागरे को गिरफ्तार किया। वह पुलवामा के काकापोरा में हाजीबल का निवासी है और उसकी फर्नीचर की दुकान है।
मागरे ने आत्मघाती बम हमलावर आदिल को पनाह दी थी और अन्य साजो सामान मुहैया कराए थे। पाकिस्तान के आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक ने उसकी पहचान आदिल से मध्य 2018 में कराई थी और फिर वह जैश ए मोहम्मद के लिए पूरी तरह से काम करने लगा था।
एनआईए ने इस महीने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें तारिक अहमद शाह, उसकी बेटी इशां जान, वजीर उल इस्लाम और मोहम्मद अब्बास राठेर शामिल हैं। मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गई है।