जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर अब तक के सबसे बड़े फिदायीन हमले में वीरवार को सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए। 20 अन्य के घायल होने की सूचना है। फिदायीन हमलावर ने विस्फोटक भरी कार को काफिले की बस से टकरा दिया, जिससे विस्फोट में बस के परखच्चे उड़ गए। आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। बता दें कि बुधवार को ही पुलवामा के एक निजी स्कूल (ट्यूशन सेंटर) में बुधवार को विस्फोट होने से कम से कम 28 विद्यार्थी घायल हो गए। घटना काकापोरा क्षेत्र के नारबल गांव में दोपहर ढाई बजे की है।
विस्फोट होते ही अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुरक्षित स्थान की तलाश में विद्यार्थी इधर-उधर भागने लगे। खून से लथपथ घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि विस्फोट में विद्यार्थी जख्मी हुए हैं। इनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि विस्फोट ग्रेनेड से हो सकता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट कैसे हुआ। एसएसपी पुलवामा चंदन कुमार ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं को केंद्र में रखकर जांच कर रही है।
बुधवार तड़के बडगाम इलाके में सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान दो आतंकियों मार गिराए गए। वहीं सुरक्षाबलों ने मंगलवार को पुलवामा में सर्च ऑपरेशन चलाया था जिसमें हिजबुल का एक आतंकी मारा गया था। वहीं दो आतंकी मौके से फरार हो गए थे। इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया था।
वहीं कुछ दिन पहले भी जम्मू कश्मीर के उरी में सुरक्षाबलों के जवानों सेना कैंप पर आतंकी हमले की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। उरी के राजारवानी में सेना की आर्टिलरी यूनिट (19 डिवीजन) पर तैनात संतरी ने संदिग्ध हरकत दिखने पर तुरंत फायरिंग कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई है।
इस दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया था। ज्वाइंट टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन किया गया। इसके साथ ही यह भी सूचना है कि इलाके के नल्लाह के पास दो लोगों को पकड़ा गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
10 फरवरी को ही जम्मू कश्मीर के कुलगाम में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के 5 आतंकवादी मारे गये थे
मालूम हो कि 10 फरवरी को ही जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादी मारे गये थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने रविवार की सुबह जिले के कल्लेम गांव में सुरक्षाबलों के तलाशी दल पर गोलियां चलाई जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में पांच आतंकवादी मारे गए और मौके से हथियार एवं युद्ध संबंधी सामग्री बरामद की गईं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान वसीम अहमद राथर, अकीब नजीर मीर, परवेज अहमद भट, इद्रिस अहमद भट और जाहिद अहमद पार्रे के तौर पर हुई है।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह हिजबुल मुजाहिदीन एवं लश्कर-ए-तैयबा और उनके आतंकवादियों का समूह था। सही-सही संबद्धता के बारे में पता लगाया जा रहा है। वे सुरक्षा संस्थापनों पर हमला करने एवं आम लोगों पर अत्याचार करने समेत आतंकवाद के कई अपराधों में संलिप्तता के लिए वांछित थे।
उन्होंने बताया कि वसीम, अकीब और परवेज एक आम नागरिक मोहम्मद इकबाल कावा और सेना के एक जवान मुख्तार अहमद की हत्या में शामिल थे। प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादियों का यह समूह अनंतनाग एवं कुलगाम जिले में हथगोलों से किए गए कई हमलों में भी शामिल था।