ताज महल और वैष्णो देवी समेत दस महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने स्वच्छता के प्रतीक के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी कार्ययोजना बना ली है। अब जल्द ही इस कार्ययोजना पर अमल शुरू होगा।
कार्ययोजना को अंजाम देने के लिए केंद्र सरकार ने संबंधित राज्य सरकारों एवं नगर पालिका निकायों के प्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण दिया है। 8 से 9 जुलाई चली दो दिवसिय कार्यशाला में केंद्र सरकार के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने राज्य के अधिकारियों को कार्ययोजना के बारे में बताया।
वहीं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अधिकारियों को ग्रामीण भारत से सीख लेने को कहा है। तोमर ने कहा कि हमें अपनी जड़ों तक वापस लौटते हुए गांवों से सीखने की जरूरत है। कार्यशाला में वैष्णो देवी, ताज महल, तिरुपति मंदिर, स्वर्ण मंदिर, अजमेर शरीफ, मीनाक्षी मंदिर, कामख्या मंदिर, जगन्नाथ पुरी, मणिकिर्णकाघाट और छत्रपति शिवाजी सरीखे सभी पर्यटन स्थ्लों से जुडे़ राज्य सरकार और नगर निकाय के अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटक स्थलों में वर्तमान स्वच्छता हालातों और स्वच्छ बनाने के लिए उठाए कदमों की समीक्षा की गई। इन स्थलों को स्वच्छ बनाने के लिए होने वाले खर्च को सरकार के नवरत्न संस्थानों ने उठाने की हामी भर दी है।