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11 हजार करोड़ की लागत से बने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ी खास बातें

Sun, 27 May 2018 02:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद बागपत के खेकड़ा से देश को 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की सौगात दी। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित कई अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि 6 लेन वाला यह एक्सप्रसवे दिल्ली के ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद करेगा। पेश हैं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की खास बातें: 

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-  यह देश का पहला स्मार्ट और सोलर एनर्जी से लैस एक्सप्रेसवे है।

-  इसके शुरू होने से दिल्ली में 41 फीसदी तक ट्रैफिक जाम और 50 प्रतिशत तक प्रदूषण कम हो जाएगा।

- ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे हरियाणा के कुंडली से शुरू होकर गाजियाबाद और नोएडा होते हुए पलवल से मिलेगा। 

-  कुंडली से पलवल के बीच जाने-आने वाले लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं होगी, ये राजधानी के बाहर से होकर गुजरेगा। 

-  इसके चालू होने से कोलकाता से सीधे जालंधर,अमृतसर और जम्मू आने-जाने वाले वाहनों, खासकर ट्रकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। 

-  यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जिसमें बगीचे बने हैं, सोलर सिस्टम से लैस लाइट लगाई गयी हैं। 

-  इस पर 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन दौड़ाने की अनुमति है, इसके निर्माण में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है।

- इस स्पीड से 135 किमी की दूरी 70 मिनट में तय की जा सकती है। 

- एक्सप्रेसवे की मजबूती के लिए 200 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है।

- इस 6 लेन वाले एक्सप्रेसवे को रिकॉर्ड 500 दिनों में बनाकर तैयार किया गया है। 
 



 
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