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Surat: गुजरात से पाकिस्तान भेजे 10 करोड़ रुपये, सूरत में साइबर माफिया पर पुलिस का शिकंजा; मामले की जांच जारी

Sat, 08 Nov 2025 10:09 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

गुजरात पुलिस ने सूरत निवासी चेतन गंगाणी को गिरफ्तार किया है। ये वही है जो पाकिस्तान के क्रिप्टो वॉलेट में 10 करोड़ रुपये भेजने में शामिल था। जांच में पता चला कि उसने ठगों के साथ मिलकर यूएसडीटी के जरिये रकम ट्रांसफर की। इससे पहले छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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क्रिप्टो के सहारे पाकिस्तान भेजे 10 करोड़ रुपये - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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गुजरात पुलिस की सीआईडी-क्राइम टीम ने सूरत में साइबर ठगों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान स्थित क्रिप्टो वॉलेट में 10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में मदद कर रहा था। इस कार्रवाई को देश की साइबर सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इस गिरोह के तार सीमापार तक जुड़े मिले हैं।
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अहमदाबाद में जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम चेतन गंगाणी है। उसे सीआईडी-क्राइम की चल रही जांच के दौरान पकड़ा गया, जिसमें म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिये ऑनलाइन ठगी के पैसों को विदेश भेजे जाने का खुलासा हुआ था। यह कार्रवाई साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने की। जांच में पता चला कि गंगाणी ने ठगों के साथ मिलकर क्रिप्टो करेंसी यूएसडीटी (टीथर) के जरिये 10 करोड़ रुपये पाकिस्तान के एक वॉलेट में भेजे।

पहले से पकड़े गए छह आरोपी
पुलिस ने बताया कि इससे पहले तीन नवंबर को मोरबी, सूरत, सुरेन्द्रनगर और अमरेली से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने करीब 100 म्यूल अकाउंट्स के जरिये दुबई के साइबर अपराधियों तक 200 करोड़ रुपये भेजे। ये खाते डिजिटल गिरफ्तारी, लोन फ्रॉड, निवेश धोखाधड़ी और पार्ट टाइम जॉब जैसे 386 साइबर अपराधों में इस्तेमाल हुए थे।
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पैसे के ट्रेल की पड़ताल
जांच एजेंसियों ने बताया कि चेतन गंगाणी अपने बिटगेट क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमाल करके ठगों को रकम भेजने में मदद करता था। हर लेनदेन पर उसे 0.10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि पुलिस ने सात लेयर तक पैसे की ट्रेल को ट्रैक किया और पाया कि भारत से भेजे गए रुपये पाकिस्तान के बाइनेंस यूएसडीटी अकाउंट में पहुंचे।

सात परतों में छिपाया गया था पैसों का रास्ता
हर्ष संघवी ने कहा कि सीआईडी-क्राइम ने एक क्रॉस बॉर्डर साइबर क्राइम नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जो गुजरात के कई जिलों में सक्रिय था। जांच में पता चला कि पाकिस्तान स्थित अकाउंट में भारत से कुल 25 करोड़ रुपये भेजे गए, जिसमें यह गिरोह एक प्रमुख माध्यम था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोहों से भी तो नहीं जुड़े हैं।
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