देश में 25 मार्च से जारी लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है। इसके पहले चरण यानी अनलॉक 1 में आठ जून से मंदिरों, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं को दोबारा शुरू करने की इजाजत दी गई है। इसके तहत केरल और कर्नाटक में मंदिरों के दोबारा खुलने से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, केरल में मंदिर आठ के स्थान पर नौ मई से खुलेंगे।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि सबरीमाला मंदिर में एक समय पर 50 से अधिक व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्चुअल क्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आभासी पंक्ति नियंत्रण व्यवस्था) का इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते देश में लागू लॉकडाउन में धीरे-धीरे अब राहतें दी जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि पूजा के स्थानों, रेस्टोरेंट और मॉल केरल में नौ मई से खुलेंगे। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में शुक्रवार को कोरोना वायरस के कुल 11 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ यहां कोरोना को कुल मामलों की संख्या 1697 हो गई है, इनमें 973 सक्रिय मामले हैं।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार कर्नाटक के बंगलूरू में आठ जून से मंदिरों को खोलने की तैयारी भी लगभग पूरी हो गई है। बंगलूरू में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिरों के सचिव केटी रामाराजू ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगा और साथ ही उनका तापमान जांचने की व्यवस्था भी की जाएगी।
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रामाराजू ने रहा कि मंदिरों का सैनिटाइजेशन करने का काम पूरा हो गया है। हमने मंदिरों में गोले के निशान बनाए हैं जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन किया जा सके। ये निशान श्रद्धालुओं के लिए दो-दो मीटर की दूरी पर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंदिरों में यह व्यवस्था रहेगी कि एक घंटे में 60 से 100 के बीच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।