TDP की पार्लियामेंट बैठक में चंद्रबाबू नायडू
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इस साल के आखिर तक लोकसभा चुनाव होने की सुगबुगाहट के बीच सियासी पारा गर्मा गया है। बजट के ऐलान के बाद एनडीए की साथी पार्टी टीडीपी ने इसकी आलोचना की थी, कहा जा रहा था कि वह एनडीए से अलग होने पर विचार कर सकते हैं। इसी बीच तेलगु देशम पार्टी ने अमरावती में पार्टी की पार्लियामेंट्री बैठक बुला ली।
चंद्रबाबू की अगुवाई में हुई बैठक के बाद गठबंधंन पर सस्पेंस के बादल मंडराने लगे। पार्टी से निकले नेताओं ने गठबंधंन पर अप्रत्यक्ष तौर पर बोलते हुए बताया कि प्रदेश के सीएम और पार्टी के सांसदों के बीच लंबी चर्चा हुई। टीडीपी सांसद श्रीनिवास ने कहा कि हमारा ध्यान राज्य के विकास पर है। जनता से जो वादे किए हैं उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा। राज्य के लिए जो भी उचित होगा फैसला लिया जाएगा।
मीटिंग से पहले टीडीपी नेता राममोहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम यहां
बजट पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए हैं। राजनीतिक गठबंधंन और राज्य का विकास, दोनों अलग अलग मुद्दे हैं।
मीटिंग में पार्टी के सीनियर लीडिर्स ने हिस्सा लिया। खुद चंद्रबाबू नायडू भी पार्टी में पहुंचे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दिनों एनडीए की साथी पार्टी,
तेलगु देशम पार्टी और
बीजेपी के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टीडीपी नेता
चंद्रबाबू नायडू पहले ही बीजेपी ने गठबंधंन को तोड़ने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बीजेपी मित्र धर्म का पालन नहीं कर रही है। ऐसे में अगर वह गठबंधंन जारी नहीं रखना चाहती है तो हम अकेले चलने के लिए तैयार हैं।