जियो के बढ़ते वर्चस्व के बीच धीरे-धीरे बाकी टेलिकॉम कंपनियों के लिए मार्केट में बने रहना मुश्किल हो रहा है। इसी बीच नॉर्वे की टेलीकॉम कंपनी टेलीनॉर ने भारत में अपना कारोबार समेटने का निर्णय लिया है। टेलीनॉर अपना कारोबार भारती एयरटेल को बेचने जा रही है। दोनों कंपनियों को विलय के लिए अब रेगुलेटरी की मंजूरी का इंतजार है।
दोनों कंपनियों के बीच विलय पर सहमति हो गई। एयरटेल ने कहा है कि उसने नार्वे की इस बड़ी कंपनी के अधिग्रहण के लिए 'निश्चित समझौते' के तहत डील की है। समझौते के तहत टेलिनॉर इंडिया का सारी संपत्ति और ग्राहक एयरटेल को मिलेंगे। टेलिनॉर के पास आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और असम समेत पुर्वी व पश्चिमी यूपी के 44 मिलियन उपभोक्ता हैं। भारती एयरटेल के मैनेजिंग एडिटर गोपाल विट्टल ने कहा, 'प्रस्तावित अधिग्रहण के बाद कंपनी को मजबूती मिलेगी और कई सर्किल्स में हमारा मार्केट भी मजबूत होगा।'
टेलीनॉर के सीईओ सिग्वे ब्रेक ने कहा कि हमने विलय का निर्णय कोई जल्दबाजी में नहीं लिया है। उन्होंने कहा, "पूरी तरह से विचार करने के बाद, हमारी राय यह है कि भारत के भविष्य के कारोबार को सुरक्षित करने की जरूरत है। इस करार से हमारे ग्राहकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि हमने भारतीय कारोबार से बाहर निकलने का निर्णय गहन मंत्रणा के बाद लिया गया है।'