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मार्च, 2019 से गांवों को मिलेगा सार्वजनिक वाई-फाई, 25,000 गांवों में शुरू होगी सुविधा

Tue, 11 Dec 2018 03:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेमो - फोटो : डेमो
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दूरसंचार मंत्रालय ने अगले साल मार्च तक 25 हजार गांवों में पांच लाख वाई-फाई पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक कदम और बढ़ाने के लिए तैयार है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाई-फाई लगाने की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी टेलीकॉम कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) और भारतीय टेलीफोन इंडस्ट्री लिमिटेड (आईटीआई) को मिल सकती है। दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए टेंडर्स में दोनों कंपनियां सबसे आगे हैं। सरकार ने जुलाई में 25,000 गावों में पांच लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाने के लिए टेंडर जारी किया था। दूरसंचार मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हम अगले मार्च में लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। पहले तय किया गया था कि दिसंबर तक इनकी स्थापना हो जाएगी।

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टीसीआईएल की बोली सबसे कम

अधिकारी ने कहा कि जारी किए गए टेंडर में टीसीआईएल की बोली सबसे कम है, जिसके करीब आईआईटी भी है। उम्मीद है कि आईआईटी और टीसीआईएल समान रूप से इस काम को अंजाम देंगे। उन्होंने बताया कि ढाई लाख सार्वजनिक वाई-फाई लगाने का जिम्मा टीसीआईएल और उतने का ही जिम्मा आईटीआई को मिलेगा। गौरतलब है कि आम जनता को सस्ती दर पर इंटरनेट सेवा मुहैया कराने की दूरसंचार नियामक ट्राई की सिफारिशों पर कुछ माह पहले ही टेलीकॉम आयोग ने मुहर लगाई थी। इससे निजी क्षेत्र के लोगों को बड़े पैमाने पर काम मिलेगा और देश में इंटरनेट सुविधा का विस्तार होगा। 

पीसीओ की तरह पीडीओ पर होगा आधारित

ट्राई ने एसटीडी-पीसीओ पर आधारित पीडीओ (सार्वजनिक डाटा कार्यालय) मॉडल अपनी सिफारिशों में पेश किया था। इसके जरिए डाटा कार्यालय हर गली, मोहल्ले में दिखाई देगा। मंत्रालय के मुताबिक मोबाइल आने के बाद एसटीडी-पीसीओ व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है। लेकिन देशभर में 5 लाख सार्वजनिक वाई-फाई हॉट स्पॉट शुरू होने के बाद ऐसी ही व्यवस्था पीडीओ के रूप में आएगी। सेवा प्रदाता कंपनियों के बीच इंटरपोर्टेबिलिटी पर सहमति बनने से ग्राहक किसी भी कंपनी के वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकेगा। 
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इस्तेमाल के लिए लेने होंगे कूपन

ग्राहक इस सेवा का उपयोग करने के लिए वाई-फाई डाटा के कूपन ले सकेंगे। ग्राहक 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का कूपन ले सकेंगे। इससे छोटे ऑपरेटर्स को भी इस बाजार में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा। साथ ही जरूरत के मुताबिक छोटे इंटरनेट रिचार्ज का पैक भी मिल सकेगा। ट्राई ने कहा था कि इस सेवा से पूरे देश में वाई-फाई को बढ़ावा मिलेगा। लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा। ट्राई ने इसका पायलट प्रोजेक्ट बंगलूरू में शुरू किया था, जो सफल रहा था। इसके अलावा टेलीकॉम कंपनियों ने अलग दस लाख सार्वजनिक वाई-फाई लगाने का लक्ष्य तय किया है। गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत के साथ तीन साल के भीतर ही हॉट स्पॉट की संख्या तीन गुनी यानी 15 लाख हो जाएगी।
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