एसएलबीसी सुरंग हादसे में बचाव अभियान
- फोटो : ANI
तेलंगाना के एसएलबीसी टनल हादसे में फंसे सात लोगों को बचाने के लिए राहत कार्य में रोबोट तैनात किया गया है। यह रोबोट मलबा हटाने और खुदाई में मदद करेगा, जिससे खोज अभियान तेजी से आगे बढ़ सकेगा। टनल 22 फरवरी को धंस गई थी, जिसमें आठ मजदूर और इंजीनियर फंस गए थे। अब तक केवल गुरप्रीत सिंह का शव बरामद हुआ, जबकि सात लोग अब भी फंसे हुए हैं। फंसे हुए लोगों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और झारखंड के मजदूर शामिल हैं।
यह भी पढ़ें -
तेलंगाना की एसएलबीसी सुरंग में फंसे सात लोग: 19 दिन बाद भी बचाव कार्य जारी, रोबोट और रडार से ली जा रही मदद
कैसे काम करेगा रोबोट?
हैदराबाद की एक कंपनी ने यह 'ऑटोनॉमस हाइड्रोलिक पावर्ड रोबोट' तैयार किया है। यह रोबोट उन खतरनाक जगहों तक जा सकता है, जहां इंसानों का पहुंचना मुश्किल है। रोबोट की क्षमता इंसानों से 15 गुना ज्यादा है, जिससे राहत कार्य में तेजी आएगी। 40 HP पंप की मदद से यह रोबोट हर घंटे 5,000 घन मीटर मिट्टी हटा सकता है।
टनल के अंदर की क्या है मुश्किलें?
टनल में मलबा, मिट्टी के टीले और ऑक्सीजन की कमी राहत कार्य में बाधा बनी हुई हैं। रोबोट की मदद से इन चुनौतियों को पार किया जाएगा और अभियान तेज होगा।
यह भी पढ़ें -
Telangana: 'क्या यही है आपकी मोहब्बत की दुकान', केटीआर ने राहुल पर साधा निशाना; जानें अब किस मामले में घेरा
टनल हादसे में अब तक क्या हुआ?
22 फरवरी को टनल धंसने से आठ मजदूर अंदर फंस गए, तब से बचाव अभियान जारी है। वहीं नौ मार्च को टनल के अंदर से टीबीएम ऑपरेटर गुरप्रीत सिंह का शव बरामद हुआ। गुरप्रीत का शव पंजाब में उनके परिवार को सौंप दिया गया। तेलंगाना सरकार ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
SLBC प्रोजेक्ट के बारे में जानिए
यह सुरंग 44 किमी लंबी बनाई जा रही है, जो श्रीशैलम प्रोजेक्ट से नलगोंडा जिले में 4 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई के लिए पानी ले जाएगी। अब तक 34.5 किमी सुरंग पूरी हो चुकी है, जबकि 9.5 किमी का काम बाकी है।