तेलंगाना में हुए सुरंग हादसे को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यहां फंसे आठ लोगों का कुछ भी पता नहीं चला है। हालांकि मजदूरों की तलाश के लिए बचाव दल तेजी से काम में जुटे हैं। सुरंग में वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई जगहों पर मजदूरों की मौजूदगी जांचने के लिए खोदाई की जा रही है।
तेलंगाना में हुए सुरंग हादसे को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यहां फंसे आठ लोगों का कुछ भी पता नहीं चला है। हालांकि मजदूरों की तलाश के लिए बचाव दल तेजी से काम में जुटे हैं। सुरंग में वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई जगहों पर मजदूरों की मौजूदगी जांचने के लिए खोदाई की जा रही है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के अंदर कन्वेयर बेल्ट को ठीक करने के बाद चालू कर दिया गया है। इससे बचाव कर्मियों को मलबा हटाने में मदद मिल रही है। कन्वेयर बेल्ट 22 फरवरी को हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस बीच दक्षिण मध्य रेलवे की विशेषज्ञ टीम ने सुरंग के अंदर बोरिंग मशीन के क्षतिग्रस्त प्लेटफॉर्म को काट दिया है।
चल रही खोदाई
नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI), हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने सुरंग के भीतर ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार सर्वे किया था ताकि सुरंग में फंसे आठ लोगों की स्थिति का पता लगाया जा सके। सर्वे में जिन जगहों पर पीड़ितों के होने का अनुमान था, वहां अब जांच में सिर्फ धातु के तत्व मिले हैं। इसके बाद बचाव दल अन्य जगहों पर भी मजदूरों की तलाश में जुटे हैं। हालांकि सुरंग के भीतर पानी और मलबे की वजह से बचाव और तलाशी अभियान में परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
भूकंप केंद्र के प्रतिनिधि भी कर रहे मदद
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के प्रतिनिधि भी मदद के लिए पहुंच गए हैं। वे सुरंग के अंदर भूकंप को लेकर शोध करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि टनल बोरिंग मशीन के अंतिम हिस्से को गैस कटर से काटा जाएगा। इसके बाद उसे लोको ट्रेन के जरिये सुरंग से बाहर लाया जाएगा।
22 फरवरी से फंसे हैं मजदूर
तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कनाल (एसएलबीसी) प्रोजेक्ट चल रहा है। जयप्रकाश एसोसिएट्स कंपनी इस प्रोजेक्ट को पूरा कर रही है।दरअसल एसएलबीसी परियोजना में 22 फरवरी से इंजीनियर और मजदूर सहित आठ लोग फंसे हुए हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ अथक प्रयास कर रहे हैं।