राज्य विधान परिषद के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले गौड़ टीआरएस छोड़ने के बाद साल 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं दासोजू दो महीने पहले कांग्रेस में रहने बाद भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस से पहले दासोजू टीआरएस में ही थे।
तेलंगाना के मुनुगोड़े विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां पार्टी के नेता के. स्वामी गौड़ और श्रवण दासोजू शुक्रवार को फिर टीआरएस में शामिल हो गए। दोनों नेता टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य मंत्री के. टी. रामाराव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।
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गौड़ और दासोजू की टीआरएस में वापसी
दोनों नेता पहले टीआरएस में ही थे, इसलिए इसे उनकी 'घर वापसी' कही जा रही है। राज्य विधान परिषद के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले गौड़ टीआरएस छोड़ने के बाद साल 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं दासोजू दो महीने पहले कांग्रेस में रहने बाद भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस से पहले दासोजू टीआरएस में ही थे।
पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखते हैं दोनों नेता
इससे दो दिन पहले टीआरएएस के पूर्व सांसद व पिछड़े वर्ग के नेता बूरा नरसैय्या गौड़ भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि, स्वामी गौड़ और श्रवण दासोजू टीआरएस में शामिल हो रहे हैं, दोनों नेता पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। इन दोनों नेताओं की घर वापसी आगामी 3 नवंबर को होने वाल मुनुगोड़े उपचुनाव में सत्तारूढ़ टीआरएस को मदद कर सकती है।
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छह नवंबर को उपचुनाव की मतगणना
टीआरएस पर कथित परिवारवादी शासन का आरोप लगाते हुए मौजूदा कांग्रेस विधायक कोमाती रेड्डी राज गोपाल रेड्डी भाजपा में शामिल हो गईं। रेड्डी के इस्तीफे के कारण यहां उपचुनाव करना पड़ा है। मतगणना छह नवंबर को होगी।