लोकसभा में तीन तलाक विधेयक पर मतदान के दौरान तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) अनुपस्थित रह सकती है। यह जानकारी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधार को दी। बता दें कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली टीआरएस ने पिछले साल दिसंबर में भी यही रुख अपनाया था। तेलंगाना कांग्रेस ने मंगलवार को मांग की थी कि राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस तीन तलाक विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करे।
टीआरएस नेता ने कहा कि पिछले साल हमने चर्चा में भाग लिया था और मतदान से दूर रहे थे। इस बार भी पार्टी ऐसा ही करने का फैसला ले सकती है। नेता ने कहा कि इस विधेयक का विरोध कुछ भी समस्याएं खड़ी करेगा और इसका समर्थन भी कुछ समस्याएं पैदा करेगा। बता दें कि लोकसभा में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नौ सदस्य हैं वहीं, राज्यसभा में पार्टी के छह सदस्य हैं।
बता दें कि बीते शुक्रवार को केंद्र सरकार लोकसभा में नया तीन तलाक विधेयक लेकर आई थी। मुस्लिम विवाह (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में संसद में पेश किया जाने वाला पहला विधेयक बन गया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि यह कानून लैंगिक समानता और न्याय के लिए जरूरी है। दूसरी ओर हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असुद्दीन ओवैसी इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।