पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के. कविता अपनी नई पार्टी बनाने करने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की है। बीआरएस से निलंबित होने के बाद कविता ने एलान किया है कि वह अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगी और राज्य में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराएंगी।
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी कलवकुंतला कविता जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी शुरू कर सकती हैं। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि इसके लिए कविता ने मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बातचीत की है।
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प्रशांत किशोर के साथ रणनीति पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर हाल ही में पांच दिनों के लिए हैदराबाद आए थे। इस दौरान कविता ने उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच नई पार्टी की शुरुआत और तेलंगाना में इसके लिए राजनीतिक जगह बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कविता फिलहाल सांस्कृतिक संगठन 'तेलंगाना जागृति' की अध्यक्ष हैं और इसी बैनर तले सक्रिय हैं।
बीआरएस से क्यों हुईं अलग?
कविता को सितंबर 2025 में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से सस्पेंड कर दिया गया था। उन्होंने अपने चचेरे भाइयों टी. हरीश राव और जे. संतोष कुमार पर आरोप लगाया था कि कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने केसीआर की छवि खराब की। इसके बाद कविता ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे इस महीने की शुरुआत में अध्यक्ष गुथा सुखेन्द्र रेड्डी ने स्वीकार कर लिया था।
कराएंगी भ्रष्टाचार की जांच
कविता ने एलान किया है कि उनका नया राजनीतिक मंच अगले विधानसभा चुनाव लड़ेगा। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने कहा था कि वह एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगी। उन्होंने बीआरएस और कांग्रेस दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कविता ने कहा कि वह 2014 के बाद से हुए सभी अन्यायों की जांच कराएंगी।
पिता की पार्टी पर किया था हमला
इस महीने की शुरुआत में कविता ने अपने पिता की पार्टी बीआरएस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने बीआरएस के संविधान को मजाक बताया और कहा कि पिछली सरकार के दौरान हुए कुछ अलोकप्रिय फैसलों में उनकी कोई भागीदारी नहीं थी।
क्या बोली के कविता?
वहीं इसको लेकर कलवकुंतला कविता ने कहा कि वह तेलंगाना में एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगी। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष ने कहा कि यह एक राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरेगी और अगले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने सितंबर 2025 में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से इस्तीफा देने के चार महीने बाद यह घोषणा की।