शिकायत यशवंत राजानाला ने दर्ज कराई है, जिसके पिता राजानाला वेंकट जगन मोहनवास सिगाची कंपनी में बीते 20 वर्षों से कर्मचारी थे। यशवंत ने बताया कि 'उसके पिता ने कई बार हमें बताया था कि मशीनरी पुरानी हो गई है, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।'
तेलंगाना में फार्मा कंपनी में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें बताया गया है कि कर्मचारियों द्वारा बार-बार बोलने के बावजूद फार्मा कंपनी सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पुरानी हो चुकी मशीनरी को नहीं बदला। कंपनी की पसामयलाराम स्थित यूनिट में दो दिन पहले तेज विस्फोट हुआ था, जिसमें 40 लोगों की मौत हो चुकी है और 33 लोग घायल हैं।
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एफआईआर में कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
सांगारेड्डी पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिजनों की शिकायत के आधार पर सोमवार को कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, और 117 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के अनुसार, 'शिकायतकर्ता के पिता और अन्य कर्मचारियों ने सिगाची कंपनी प्रबंधन को कई बार मशीनरी बदलने के बारे में सूचना दी गई थी, क्योंकि मशीनरी बहुत पुरानी थीं और उनसे जान-माल की हानि की आशंका थी। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और पुरानी मशीनरी का ही इस्तेमाल जारी रखा। इसका नतीजा ये हुआ कि प्लांट में विस्फोट हो गया, जिससे जान-माल की भारी हानि हुई।'
कंपनी के प्लांट में जरूरी एनओसी भी नहीं थी
शिकायत यशवंत राजानाला ने दर्ज कराई है, जिसके पिता राजानाला वेंकट जगन मोहनवास सिगाची कंपनी में बीते 20 वर्षों से कर्मचारी थे। यशवंत ने बताया कि 'उसके पिता ने कई बार हमें बताया था कि मशीनरी पुरानी हो गई है, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।' यशवंत ने बताया कि 'घटना वाले दिन उसके चाचा ने उसे फोन करके बताया था कि सिगाची कंपनी में आग लगी है और उसमें कई कर्मचारी मारे गए हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बाद वह गवर्नमेंट एरिया अस्पताल पहुंचा और वहां अपने पिता का शव देखा।' तेलंगाना अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि कंपनी के पास सुरक्षा के लिए जरूरी एनओसी भी नहीं थीं और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कंपनी के प्लांट में फायर अलार्म, हीट सेंसर आदि भी नहीं थे।