तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भाजपा और आम आदमी पार्टी की तेलंगाना इकाई ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियां सरकार से चुनावी वादे तुरंत पूरे करने की मांग कर रही थीं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई की है।
मामले में हैदराबाद में पुलिस ने तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव और कई पार्टी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया। ये सभी नेता विधानसभा का घेराव करने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने लगाए आरोप
पार्टी का कहना है कि कांग्रेस ने जनता से बड़े-बड़े वादे करके सत्ता पाई थी। लेकिन पिछले दो वर्षों में तेलंगाना के लोगों को सिर्फ धोखा और विश्वासघात मिला है। भाजपा के मुताबिक, किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से किए गए वादे अब तक अधूरे हैं।
क्या बोले भाजपा अध्यक्ष?
हिरासत में लिए जाने के बाद रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ जो छल किया है, वे उसके खिलाफ खड़े थे। इसी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस विरोध की आवाज को दबाकर अपनी लोकतंत्र विरोधी सोच दिखा रही है।
भाजपा ने एक बयान में कहा कि राव की गिरफ्तारी सरकार के तानाशाही रवैये का उदाहरण है। सरकार अपनी नाकामियों पर जनता के गुस्से का सामना करने के बजाय सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही है। पार्टी ने साफ किया कि 'विधानसभा घेराव' का मकसद उन लोगों के गुस्से को दिखाना था, जो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि सरकार ने वादे तो बहुत किए, लेकिन काम कुछ नहीं किया।
ट्रांसजेंडर संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन, बिल वापस लेने की मांग
इस सबके बीच हैदराबाद के धरना चौक पर ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। ये लोग लोकसभा में पेश 'ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन बिल, 2026' का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस बिल को अमानवीय बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि सभी कानूनों में ट्रांसमेन को स्पष्ट पहचान और सुरक्षा मिले। उन्होंने ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में मेडिकल बोर्ड की भूमिका खत्म करने पर जोर दिया।
उनका कहना है कि लिंग की पहचान एक निजी एहसास है, इसलिए इसे मेडिकल जांच के बजाय आत्म-पहचान के आधार पर तय करना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने उन प्रावधानों की भी निंदा की जो इस समुदाय को अपराधी की तरह दिखाते हैं। इस विरोध में 'क्वीर बंधु पेरेंट्स एसोसिएशन' के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें अधिकार नहीं मिले, तो वे देशभर के सचिवालयों का घेराव करेंगे।
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