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'कांग्रेस‑भाजपा की लव स्टोरी': तेलंगाना नगरपालिका चुनाव से पहले ओवैसी का वार, दलित और पिछड़े वर्गों पर भी बोले

Fri, 06 Feb 2026 01:58 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना के भैंसा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नगरपालिका चुनाव से पहले भाजपा‑कांग्रेस पर हमला किया। वार्ड 15 में भाजपा ने उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस को वोट देने की सलाह दी, जिसे ओवैसी ने '2026 की कांग्रेस‑भाजपा की लव स्टोरी' बताया। उन्होंने दलित और पिछड़े समुदाय के लोगों से बात की। साथ ही शिक्षा में भेदभाव पर सरकार पर सवाल भी उठाए।

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तेलंगाना में 11 फरवरी को होने वाले नगरपालिका और नगर निगम चुनावों के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। साथ ही आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निर्मल जिला के भैंसा में एक चुनावी सभा में कई अहम मुद्दों पर अपना बयान दिया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्थानीय राजनीति पर बात की, बल्कि देश के बड़े राजनीतिक मुद्दों, दलित‑पिछड़े समुदायों और विदेश नीति को लेकर भी सरकार का घेराव किया। साथ ही भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। 

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ओवैसी ने कहा कि भैंसा में कुछ वार्डों में भाजपा और कांग्रेस आमने‑सामने नहीं लड़ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर वार्ड नंबर 15 में भाजपा ने अपने उम्मीदवार को वापस ले लिया और कहा कि कांग्रेस को वोट दें।ओवैसी ने इसे 2026 की कांग्रेस‑भाजपा की लव स्टोरी बताया। उनका कहना था कि यह दिखाता है कि कभी-कभी पार्टियां सिर्फ अपनी राजनीतिक रणनीति के लिए जनता को साधारण वोटर बना देती हैं।

दलित और पिछड़े वर्गों को लेकर क्या बोले ओवैसी?
अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने दलित और हिंदू पिछड़े समुदायों के लोगों से सीधे बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को सबसे बड़े पिछड़े वर्ग का नेता कहते हैं, लेकिन कुछ मामलों में उनकी बातें और काम अलग दिखते हैं। ओवैसी ने उदाहरण के तौर पर कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव नहीं होना चाहिए, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला गया था। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाया कि रोहित वेमुला की मौत और महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की मौत के पीछे क्यों स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
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विदेश नीति और सुरक्षा के मुद्दे पर भी घेरा
ओवैसी ने देश की विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पीएम मोदी को कहा कि रूस से तेल न खरीदो, वेनेजुएला से खरीदो और मोदी ने हां कह दिया। साथ ही उन्होंने चीन‑पाकिस्तान संबंधों पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि चीन ने पाकिस्तान को 80% हथियार दिए, लेकिन पीएम मोदी ने चीन को निवेश के लिए आमंत्रित किया।

इस दौरान ओवैसी ने सेना और सुरक्षा मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब चीनी सैनिक लद्दाख में आए, तो पूर्व सेना प्रमुख ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या कदम उठाएंगे। तब पीएम मोदी ने कहा कि जो उचित है वही करेंगे। ओवैसी ने कहा कि उन्हें साफ-साफ कहना चाहिए था कि उन्हें पीछे हटाओ।

स्थानीय नेतृत्व और संविधान के अधिकार
इसके साथ ही ओवैसी ने लोगों से यह भी कहा कि ये भले ही नगरपालिका चुनाव हैं, लेकिन स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का यह अवसर है। उनका कहना था कि कांग्रेस, बीआरएस और भाजपा ने अपने नेताओं को बढ़ावा दिया, लेकिन मुसलमानों और कुछ समुदायों को सिर्फ वोटर के रूप में देखा गया। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि संविधान हमें यह अधिकार देता है कि हम अपने नेताओं को अपने वोट से चुनें और इस बार लोग सिर्फ वोटर नहीं बल्कि सक्षम नागरिक बनकर नेतृत्व चुनेंगे।

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तेलंगाना नगरपालिका चुनाव, एक नजर
गौरतलब है कि पांच दिन बाद यानी 11 फरवरी को तेलंगाना में नगरपालिका और नगर निगम के लगभग 2,996 वार्डों में मतदान होने हैं। इसमें प्रमुख दल के तौर पर भाजपा, कांग्रेस, एआईएमआईएम और बीआरएस को देखा जा रहा है। 11 फरवरी को होने वाले इस मतदान में 7 नगर निगम और 116 नगर पालिकाओं से 12,993 उम्मीदवार मैदान में है। चुनावी नतीजे दो दिन बाद यानी 13 फरवरी सामने आने वाले है। इससे पहले सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी रण में अपनी-अपनी तैयारी तेज कर चुकी है।  

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