मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को इस बैठक से दूर रहने का निर्देश दिया है। सीएम के इस निर्देश से पार्टी के अंदर असंतोष की खबरों को बल मिलता है। कांग्रेस नेतृत्व को चिंता है कि स्थानीय निकाय और विधान परिषद चुनाव से पहले विधायकों की किसी भी बगावत से जनता में गलत संदेश जा सकता है।
तेलंगाना कांग्रेस में उथल-पुथल मचने की खबर है। कांग्रेस के दस विधायकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन विधायकों ने बंद कमरे में गुप्त बैठक की है, जिससे कांग्रेस की चिंताएं बढ़ गई हैं। विधायकों की गुप्त मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आपात बैठक बुलाई है। असंतुष्ट विधायक मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से नाराज बताए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री रेड्डी ने अधिकारियों को इस बैठक से दूर रहने का निर्देश दिया है। सीएम के इस निर्देश से पार्टी के अंदर असंतोष की खबरों को बल मिलता है। कांग्रेस नेतृत्व को चिंता है कि स्थानीय निकाय और विधान परिषद चुनाव से पहले विधायकों की किसी भी बगावत से जनता में गलत संदेश जा सकता है। इस बीच, मंत्री श्रीनिवास रेड्डी ने मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई आपात बैठक में शामिल होने के लिए अपना दौरा रद्द कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि विधायक अनिरुद्ध रेड्डी के फार्महाउस पर विधायकों की गुप्त बैठक हुई थी। इस बैठक में नैनी राजेंदर रेड्डी, भूपति रेड्डी, येनम श्रीनिवास रेड्डी, मुरली नाइक, कुचुकुल्ला राजेश रेड्डी, संजीव रेड्डी, अनिरुद्ध रेड्डी, लक्ष्मीकांत, दोंती माधव रेड्डी और बीरला इलैया शामिल हुए थे।
सांसद मल्लू बोले, विपक्ष दे रहा तूल, डिनर मीटिंग थी
तेलंगाना कांग्रेस में अंतर्कलह की खबरों पर पार्टी सांसद मल्लू रवि ने दिल्ली में कहा, यह सिर्फ एक डिनर मीटिंग थी। विपक्षी दल बेवजह इसे तूल देने की कोशिश कर रहे हैं। विधायकों की बैठक किसी फार्महाउस पर नहीं, बल्कि एक होटल में हुई थी। दस विधायकों को रात्रि भोजन के लिए पहुंचना था, लेकिन आठ विधायक ही इसमें शामिल हुए। कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि उन्होंने सभी विधायकों से व्यक्तिगत तौर पर बात की है और बगावत खबर बेबुनियाद है। इस पूरे घटनाक्रम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। विपक्षी दल जनता को गुमराह कर रहे हैं।