तेलंगाना सरकार ने अस्पतालों में मरीजों की संख्या को नियंत्रण में रखने के लिए पड़ोसी राज्यों से मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंसों के राज्य में प्रवेश के लिए कुछ शर्तें लगाई थीं। हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दी है।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य में पड़ोसी प्रदेशों से आने वाली एंबुलेंस के प्रवेश को लेकर राज्य सरकार का एक आदेश पर रोक लगा दी है। इस आदेश के अुसार राज्य सरकार ने पड़ोसी प्रदेशों से मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को केवल तभी प्रवेश देने की बात कही थी जब उनका अस्पतालों के साथ उचित गठजोड़ हो।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने कहा था कि मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंसों को तभी प्रवेश दिया जाएगा जब वह पहले से किसी अस्पताल से अपाइंटमेंट ले चुके हों। सरकार ने कहा था कि यह फैसला अस्पतालों में बेड के लिए इंतजार कर रहे मरीजों और उनके परिजनों की संख्या को कम करने के लिए लिया गया था।
कुरनूल पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आंध्र प्रदेश-तेलंगाना सीमा पर स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है, अभी भी एंबुलेंस सीमा पर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दो मरीज ऑक्सीजन पर हैं, जिनके लिए पुलिस अस्पताल से ऑक्सीजन सिलिंडर लाए गए।
विज्ञापन
राज्य सरकार के इस आदेश की वजह से कई गंभीर मरीजों के लिए समस्या खड़ी हो गई थी। जानकारी के अनुसार तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर इसके चलते चिंताजनक स्थिति बन गई थी। यहां एक महिला का पति गंभीर अवस्था में ऑक्सीजन पर था और उसे राज्य में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस के अनुसार तेलंगाना में रोजाना पड़ोसी राज्यों से 500-600 एंबुलेंस आती हैं। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि हैदराबाद के अस्पतालों में 50 फीसदी से अधिक बिस्तरों पर पड़ोसी राज्यों के मरीज हैं।