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Telangana: अविनाश रेड्डी को जमानत देने पर घिरे हाईकोर्ट जज, बोले- कुछ मीडिया संस्थानों ने उनकी छवि बिगाड़ी

Thu, 01 Jun 2023 03:38 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

जस्टिस लक्ष्मण ने 31 मई को दिए अपने एक फैसले में वाईएसआर सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया था। कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और अपने ही चाचा विवेकानंद रेड्डी की हत्या का आरोप है। 
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तेलंगाना हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तेलंगाना हाईकोर्ट के जज एम लक्ष्मण ने कहा है कि वाई एस अविनाश रेड्डी को अग्रिम जमानत देने के फैसले पर कुछ मीडिया संस्थानों ने उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की। बता दें कि जस्टिस लक्ष्मण ने 31 मई को दिए अपने एक फैसले में वाईएसआर सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया था। कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और अपने ही चाचा विवेकानंद रेड्डी की हत्या का आरोप है। 
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टीवी डिबेट को लेकर जताई नाराजगी
अग्रिम जमानत याचिका की मंजूरी देते हुए अपने आदेश में जस्टिस लक्ष्मण ने कहा कि कुछ चुनिंदा मीडिया संस्थानों ने न्यायिक प्रक्रिया को रास्ते से भटकाने की कोशिश की और मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। जस्टिस लक्ष्मण ने इस पर नाराजगी जाहिर की। जज ने दो तेलुगु टीवी न्यूज चैनल पर 26 मई को हुई डिबेट को लेकर टिप्पणी की। जिसमें कुछ  प्रतिभागियों ने गलत टिप्पणियां की। जस्टिस लक्ष्मण ने कहा कि कुछ चुनिंदा मीडिया संस्थानों ने कुछ लोगों द्वारा मेरी छवि को धूमिल करने के प्रयासों को प्रसारित किया और उन्हें मंच प्रदान किया। 

जस्टिस लक्ष्मण ने बताया कोर्ट की अवमानना
जस्टिस लक्ष्मण ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी कार्रवाई साफ तौर पर कोर्ट की अवमानना के तहत आती है और मैं संस्थान पर इस मामले में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी छोड़ता हूं। उन्होंने कहा कि एक बारगी उन्होंने सुनवाई से हटने के बारे में भी सोचा था लेकिन बाद में बिना किसी डर के अपना कर्तव्य निभाने की शपथ को याद कर उन्होंने अपने विचार बदल लिए थे। जस्टिस लक्ष्मण ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री विभाग को आदेश दिया है कि वह आदेश की कॉपी और टीवी डिबेट की वीडियो क्लिप को तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने पेश करें, ताकि वह इस मामले में उचित कार्रवाई कर सकें। 
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जस्टिस लक्ष्मण ने कहा कि उनके मन में पत्रकारिता के लिए बहुत सम्मान है क्योंकि यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है लेकिन कुछ संस्थान इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बता दें कि कोर्ट ने वाईएस अविनाश रेड्डी को जमानत देते हुए उनके देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी है और साथ ही जांच में सीबीआई के साथ सहयोग करने का भी निर्देश दिया है। 
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