तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने सोमवार को कहा कि जब भी किसी जश्न की योजना बनाई जाती थी तो सभी को एक साथ आना पड़ता था, यह हमारी संस्कृति है, हमें सभी मतभेदों को छोड़ना होगा। आजकल वह संस्कृति लुप्त हो रही है, अगर निमंत्रण एक स्थान से आ रहा है तो इसे अलग तरीके से देखा जाता है, इसे पारदर्शी तरीके से नहीं देखा जाता है। सुंदरराजन ने कहा कि लोग कार्ड के माध्यम से भेजे गए स्नेह को नहीं देखते हैं, वे दलबदल की संभावना देखते हैं, जो हो भी सकता है।