तेलंगाना सरकार राज्य में 4.2 लाख गिग वर्करों की सुरक्षा और सहायता के लिए कानून लाने जा रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विधेयक का मुख्य उद्देश्य सार्थक तरीके से आर्थिक और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है।
तेलंगाना सरकार राज्य में गिग श्रमिकों के अधिकारों के लिए कानून पेश करने जा रही है। गिग वर्कर्स मतलब वो लोग जो छोटे-मोटे काम करते हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में कहा कि तेलंगाना सरकार राज्य में 4.2 लाख गिग वर्करों की सुरक्षा और सहायता के लिए कानून पेश करने वाली है।
महासचिव ने कहा कि विधेयक में मुख्य प्रवाधान शामिल होंगे, इसमें एग्रीगेटर्स द्वारा गिग वर्कर्स का अनिवार्य पंजीकरण। साथ ही श्रमिकों, एग्रीगेटर्स और सरकार को शामिल करते हुए एक त्रिपक्षीय बोर्ड का गठन शामिल है। यह गिग वर्कर कल्याण की निगरानी करेगा। इसके अलावा, श्रमिकों के लिए कल्याण कोष का प्रबंधन त्रिपक्षीय बोर्ड द्वारा किया जाएगा। एग्रीगेटर एक ऐसी इकाई या प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न स्रोतों से जानकारी, डेटा या सेवाओं को इकट्ठा करके एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।
विधेयक का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक न्याय को बढ़ाना है
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विधेयक का मुख्य उद्देश्य सार्थक तरीके से आर्थिक और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है। जयराम रमेश ने बताया कि राजस्थान और कर्नाटक के बाद तेलंगाना यह लागू् करने वाला तीसरा राज्य बन जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस सरकार ही है जिसने लाखों गिग वर्करों के लिए न्याय और उचित कार्य स्थितियों को सुनिश्चित किया है।