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इन बयानों ने बढ़ाया तेलंगाना का सियासी तापमान, ओवैसी ने तोड़ दी थी मर्यादा

Thu, 06 Dec 2018 02:44 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तेलंगाना विधानसभा चुनावों में नेताओं ने जमकर चलाए जूबानी तीर
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मध्यप्रदेश, राजस्थान जैसे बड़े प्रदेशों में विधानसभा चुनाव प्रचार के शोर के बीच तेलंगाना चुनाव प्रचार भी खासा चर्चा में रहा। बड़े नेताओं के बयानों ने यहां के सियासी गलियारों में खूब तूफान मचाया। राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान हनुमान की जाति बताने वाले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तेलंगाना की सियासत को गरमाने वाला बयान दे दिया। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित दूसरे नेताओं के बयानों ने भी खूब गर्मी पैदा की। इन नेताओं ने कैसे कैसे बयान दिए यहां पढ़िए। 

योगी का बयान 

तेलंगाना चुनाव प्रचार के दौरान अगर किसी ने यहां के सियासी तापमान को सबसे ज्यादा बढ़ाया तो वह थे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ। योगी ने 2 दिसंबर को हैदराबाद की रैली में कहा- तेलंगाना में बीजेपी की सरकार बनी तो ओवैसी को हैदराबाद से भागना पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद असदुद्दीन और अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी पलटवार किया।  

ओवैसी का पलटवार 

सीएम योगी के इस बयान के बाद ओवैसी बंधुओं की ओर से हमले का सिलसिला तेज हो गया। असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को भr निशाना बनाया। 3 दिसंबर को ओवैसी ने अपने बयान में कहा- सीएम कहते हैं कि वह हमें यहां से भगा देंगे। क्या हमें पीएम के लिए कुछ नहीं कहना चाहिए? क्या पीएम ने खुद को भगवान समझ लिया है। वह लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता हैं और उनकी आलोचना करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।

अकबरुद्दीन ने तोड़ी मर्यादा 

आदित्यनाथ के बयान पर सबसे भड़काऊ बयान दिया अकबरुद्दीन ओवैसी ने। अकबरुद्दीन ने पीएम मोदी और सीएम योगी को दोनों के खिलाफ कई आपत्तजनक बातें कहीं। हैदराबाद के चारमीनार विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ने कहा- चाय वाले, हमें मत छेड़, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा कि कान में से पीप निकलने लगेगा, खून निकलने लगेगा।
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अकबरुद्दीन ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए कहा-आज एक और आया, वो कैसे-कैसे कपड़े पहनता है, तमाशे जैसा दिखता है। किस्मत से चीफ मिनिस्टर भी बन गया, कह रहा है निजाम की तरह ओवैसी को भगाऊंगा, अरे तू क्या, तेरी हैसियत क्या, तेरी बिसात क्या, तेरे जैसे 56 आए और चले गए, अरे ओवैसी को छोड़ो, उसकी आने वाली 1000 नस्लें भी इस मुल्क में रहेंगी और तुझसे लड़ेंगे। तेरा मुकाबला करेंगे और तेरी मुखालफत करेंगे।

 

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सोनिया की भावुक अपील

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तेलंगान के मेडचल में अपनी पहली रैली में कहा- यह मेरे लिए भावनात्मक क्षण है, क्योंकि मैं उस मां की तरह महसूस कर रही हूं जो कई वर्षों के बाद अपने बच्चों से मिलने आई हो। सोनिया गांधी ने कहा- तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा देने वाले फैसले के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह कोई आसान निर्णय नहीं था, क्योंकि मुझे आंध्र और तेलंगाना दोनों क्षेत्रों के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखना था।   

अमित शाह का बयान 

दो दिसंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी रैली में कुछ ऐसा कहा जो पूरी तरह सही नहीं था। अमित शाह ने अपने भाषण में कहा- मित्रों, इन्होंने (कांग्रेस) वादा किया है मस्जिद और चर्च की बिजली माफ करेंगे, मैं उनको पूछता हूं भैया मंदिर का क्या दोष है। मंदिरों की बिजली क्यों माफ नहीं करोगे, सिर्फ मस्जिद और चर्च की ही करोगे। मैं उनसे पूछता हूं कि क्या मंदिरों ने कुछ गलत किया है? अमित शाह ने तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के आमंगल में रैली में यह भाषण दिया था। 

इन बयानों की भी हुई चर्चा

इसके अलावा कुछ और बयान भी मीडिया की सुर्खियां बने। एक रैली में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। निर्मल में रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा- कांग्रेस ने मुझे यहां रैली रद्द करने के लिए 25 लाख रुपये की पेशकश की। इससे ज्यादा उनके अहंकार का सबूत और क्या होगा। मैं वो नहीं हूं जिसे खरीदा जा सकता है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी तेलंगाना चुनावों में विरोधियों पर जमकर तीर छोड़े। रैलियों में तो उन्होंने विरोधियों पर खुलकर हमला बोला ही, ट्वीट के जरिए भी विपक्षियों को घेरा। राहुल ने 3 दिसंबर को ट्वीट कर कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टीआरएस के मुखिया के चंद्रशेखर राव और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी एक ही हैं। ओवैसी की एआईएमआईएम भाजपा की सी टीम है, जिसका काम है भाजपा/केसीआर विरोधी मतों को तोड़ना। 

 
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