तेलंगाना में मुनूगोडू विधानसभा उपचुनाव में हार का सामना करने वाले प्रजा शांति पार्टी के अध्यक्ष के ए पॉल ने भारत निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पॉल ने शुक्रवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त समेत सभी बड़े अधिकारियों से मुलाकात की। पॉल ने चुनाव आयोग को मुनूगोडू विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान धांधली और ईवीएम से की गई छेड़छाड़ के साक्ष्य भी सौंपे।
पॉल ने कहा, मुनूगोडू चुनाव परिणाम को रद्द करने के लिए उन्होंने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को बदल दिया। जब हमने इसके बारे में आपत्ति ली, तो अधिकारियों ने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया। जबकि हमने चुनाव आयोग के मौजूद अफसरों और स्थानीय अफसरों को ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के साक्ष्य भी बताए, लेकिन उन्होंने हमारी एक बात नहीं सुनी।
पॉल ने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन भी मतदान केंद्र से महज 100 मीटर की दूरी पर ही सत्ताधारी पार्टी के लोग मतदाताओं को रुपये-पैसे के साथ कई प्रकार के प्रलोभन दे रहे थे। इसके अलावा सरकारी गाड़ी और अमले का उपयोग भी चुनाव प्रचार किया जा रहा था। इसका भी हमने चुनाव आयोग को सबूत दिया है। हमारी मांग है कि इस उपचुनाव को रद्द किया जाए। इस सीट पर फिर से केंद्रीय चुनाव आयोग के अफसरों की देखरेख में फिर से उपचुनाव किया जाए।
पॉल का कहना है कि उपचुनाव के दौरान स्थानीय अफसरों और चुनाव आयोग के अफसरों ने प्रदेश की सरकार के साथ मिलीभगत के साथ काम किया। उम्मीदवारों को भी मतगणना स्थल पर ज्यादा देर तक नहीं रुकने दिया। इसके अलावा बैलेट पेपर के साथ भी छेड़छाड़ की। इन्हीं सभी कारणों से परिणाम को बदलने का पूरा प्रयास किया गया।