रेवंत रेड्डी पर प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए 50 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कौशिक रेड्डी ने रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाया था तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह सामने आ गई है।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के अध्यक्ष एवं कांग्रेस सांसद ए रेवंत रेड्डी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को सोमवार को विभिन्न स्थानों पर ‘घरों में नजरबंद’ किया गया।
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मल्काजगिरि से लोकसभा सदस्य रेड्डी ने आरोप लगाया था कि पिछले हफ्ते तेलंगाना सरकार ने कोकापेट में जमीन की जो ई-नीलामी की थी उसमें 1,000 करोड़ रूपये तक कि अनियमितताएं हुई हैं। इस मुद्दे को लेकर तेलंगाना कांग्रेस ने कोकापेट में सोमवार को धरना करने का निर्णय लिया था लेकिन इससे पहले ही रेड्डी समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘उन्हें (तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को) घरों में नजरबंद कर दिया गया ताकि कानून-व्यवस्था को कायम रखा जा सके।’
रेवंत रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित पत्र में कहा है कि उन्हें संसद सत्र में शामिल होने से रोका गया जो सत्र के दौरान संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘यह जानते हुए कि आज से आरंभ हो रहे संसदीय सत्र में मुझे शामिल होना है, मेरे अनेक अनुरोधों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने, तेलंगाना राज्य पुलिस ने मुख्यमंत्री (के चंद्रशेखर राव) के इशारों पर एक सांसद के तौर पर मेरे कर्तव्यों का निर्वहन करने से मुझे रोका।’