Telangana: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेता केसीआर पर विधानसभा सत्र में कम उपस्थिति का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह केंद्र के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भरोसा रखते हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.रेवंत रेड्डी ने शनिवार को विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर पिछले पंद्रह महीनों में केवल दो बार विधानसभा सत्र में शामिल होने को लेकर आलोचना की।
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राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अपने जवाब में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि दिसंबर 2023 से (जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई) केसीआर ने विधायक और विपक्ष के नेता के रूप में 57 लाख रुपये से अधिक का वेतन लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी वेतन लेने वाले विपक्षी नेता ने जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
रेवंत रेड्डी ने उनके लगातार दिल्ली दौरे पर आपत्ति जताने के लिए बीआरएस की आलोचना की और कहा कि वह संविधान में परिकल्पित केंद्र और राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्यों का एक संघ है और देश का प्रधानमंत्री वास्तव में किसी भी मुख्यमंत्री के लिए बड़े भाई की तरह है।
रेड्डी ने कहा कि उनके दिल्ली दौरे का मकसद केंद्र के साथ मिलकर जनता की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सराहना की, जिन्होंने हैदराबाद में रक्षा भूमि को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने पर सहमति जताई।
हाल में बीआरएस के नेता के.टी.रामा राव ने रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़े भाई कहा था। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र सौंपा है, जिसमें हैदराबाद को 2036 ओलंपित की मेजबानी के लिए तैयार करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
हाल ही में डिजिटल मीडिया की दो महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पत्रकारिता की आड़ में मानहानि करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन महिला पत्रकारों पर कांग्रेस सरकार और रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है।