तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि दक्षिणी राज्यों को उनका हक का फंड नहीं मिल रहा, महाबूबनगर, आदिलाबाद और विकास परियोजनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि दक्षिणी राज्यों को उनका हक का फंड नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार के नगरपालिका चुनावों में तीन राजनीतिक दल प्रतिस्पर्धा में हैं बीआरएस, जो पिछले दस वर्षों से राज्य में सत्ता में है, भाजपा, जो केंद्र में सत्ता में है और कांग्रेस, जो राज्य में सत्ता में है।
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रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाबूबनगर आए और पलामुरु–रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन योजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का वादा किया। मैं इंतजार कर रहा था कि यह वादा पूरा होगा या नहीं, उसके बाद वोट मांगूंगा। वहीं, देवेंद्र फडणवीस आदिलाबाद में आए और प्रनाहिता-चेवेला परियोजना के वादे को पूरा करने के बजाय वोट मांगने आए।
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए कहा जब हैदराबाद में बाढ़ आई थी, तब बांदी संजय कुमार ने वादा किया था कि लोगों के खोए सामान की भरपाई होगी। बाद में उन्होंने कहा कि क्योंकि लोग बीमा करवा चुके हैं, इसलिए वे स्वयं खरीद लें। अब वही लोग वोट मांग रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे केंद्र से फंड लाएंगे और विकास करेंगे। क्या लोग उन पर भरोसा करें?
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पक्षपात का लगाया आरोप
रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर दक्षिणी राज्यों के प्रति पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए कहा जाता है कि अगर वे 1 रुपए देते हैं तो भारत सरकार 6 रुपए देती है। फिर सवाल उठता है कि केंद्रीय मंत्री जैसे बांदी संजय कुमार और जी. किशन रेड्डी तेलंगाना के लिए अतिरिक्त फंड क्यों नहीं ला पा रहे? मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी, लेकिन तेलंगाना के लिए कुछ नहीं किया गया। उन्होंने सैमिक्का–सरलम्मा जत्रा और कृष्ण पुष्करालु जैसी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परियोजनाओं के लिए भी फंड न मिलने पर चिंता जताई।
रेवंत रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि सेमीकंडक्टर परियोजना जो तेलंगाना आने वाली थी, अंतिम क्षण में मोदी के दबाव में आंध्र प्रदेश को दे दी गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट और उत्तर प्रदेश में गंगा रिवरफ्रंट पर बड़े पैमाने पर फंड देती है और कुंभ मेला जैसी परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये आवंटित करती है, लेकिन तेलंगाना के विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ऐसा नहीं किया गया।