तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने शनिवार को कहा कि सरकार राज्य में 4-5 नवंबर से जाति सर्वेक्षण शुरू करा सकती है। इसके 30 नवंबर तक पूरा होने की संभावना है। मंत्री प्रभाकर एक कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे, जिसमें जाति सर्वेक्षण के लिए एक प्रारूप को मंजूरी दी गई थी।
मंत्री प्रभाकर ने कहा कि यह कवायद राज्य के साथ-साथ पूरे देश में जाति सर्वेक्षण कराने की कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रतिबद्धता के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण करने के लिए 80000 सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा और उन्हें इसके लिए उचित रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।
जाति सर्वेक्षण 30 नवंबर तक होने की उम्मीद
तेलंगाना विधानसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के अनुसार, राज्य कैबिनेट ने जाति सर्वेक्षण के लिए प्रारूप को मंजूरी दे दी है, जिसके 30 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। हर घर को कवर करते हुए वास्तविक गणना 4 या 5 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। प्रभाकर ने कहा कि एकत्र किए गए सभी डेटा को सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा।
गरीब लोगों के लिए बनाए जाएंगे 3500 घर
राजस्व मंत्री पी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि 119 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में सबसे गरीब लोगों के लिए 3500 घर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'दिवाली के एक या दो दिन बाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इंदिराम्मा आवास कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।'
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में पीपीपी मॉडल के तहत 24000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हैदराबाद मेट्रो रेल नेटवर्क को पांच मार्गों पर लगभग 76.4 किमी तक विस्तारित किया जाएगा।
सड़क नेटवर्क सुधार पर 28000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद
कैबिनेट बैठक में पीपीपी मॉडल के तहत राज्य में सड़क नेटवर्क विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। रेड्डी ने कहा, इसके लिए अन्य राज्यों में मॉडल का अध्ययन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई जाएगी। रेड्डी के अनुसार, अगले चार वर्षों में सड़क नेटवर्क सुधार पर 25000 करोड़ रुपये से 28000 करोड़ रुपये के बीच लागत आने की उम्मीद है।