तेलंगाना विधानसभा में बुधवार को कार्यवाही के दौरान हंगामा करने पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सभी 22 विधायकों को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित विधायकों में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव भी शामिल हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीआरएस विधायकों ने 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लगाए। इसके बाद वे सदन के वेल में पहुंच गए और लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे।
स्पीकर ने निलंबन का फैसला कैसे लिया?
स्पीकर ने कहा कि वह यह जांच करेंगे कि क्या बीआरएस विधायकों ने अपनी मांगें लिखित रूप में उन्हें सौंपी हैं। इसके बाद विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के बाद स्पीकर ने बीआरएस के सभी 22 विधायकों को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी।
किन BRS विधायकों को किया गया निलंबित?
निलंबित विधायकों में केटी रामा राव, अनिल जाधव, टी. हरीश राव, जी. जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, कौशिक रेड्डी, माधवरम कृष्ण राव, कोवा लक्ष्मी, के. माणिक राव, चिंताप्रभाकर, कोठा प्रभाकर रेड्डी, वेमुला प्रशांत रेड्डी, मरी राजशेखर रेड्डी, पल्ला राजेश्वर रेड्डी, पी. सबिता इंद्रा रेड्डी, डी. सुधीर रेड्डी, वी. सुनीता लक्ष्मारेड्डी, कलेरू वेंकटेश, विजयुडु और के.पी. विवेकानंद शामिल हैं।
KCR को लेकर उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि उन्होंने और अन्य कांग्रेस नेताओं ने चंद्रशेखर राव के स्वस्थ और लंबे जीवन तथा सार्वजनिक सेवा में लंबे करियर की कामना की है। उन्होंने बीआरएस विधायकों से अपनी बात सीटों पर रहते हुए रखने को कहा और सदन में डराने या आक्रामक व्यवहार से बचने की अपील की।
BRS का विधानसभा में कितना संख्याबल है?
119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के आधिकारिक तौर पर 37 विधायक हैं। बुधवार की कार्रवाई में इनमें से 22 विधायकों को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया।
BRS विधायक किन मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे?
केटी रामा राव ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की। इसमें विधानसभा के गेट पर बीआरएस की महिला विधायकों को रोके जाने के दौरान पुलिस की कथित सख्ती और सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ सदस्यों द्वारा बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की मौत की कामना करने वाली कथित टिप्पणियों का मुद्दा शामिल था। स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का और विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बीआरएस विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। हालांकि, विधायक अपनी जगहों पर वापस जाने को तैयार नहीं हुए।