टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू द्वारा फेंका गया तुरुप का पत्ता रंग दिखाने लगा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने 119 सदस्यों वाली तेलंगाना विधानसभा की 93 सीटें कांग्रेस को देने पर सहमति जताकर राजनीति का पूरा खेल बदल दिया है। इस नये समीकरण से कांग्रेस के नेता काफी खुश नजर आ रहे हैं। के चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस)के एक सांसद का कहना है कि तेलंगाना में कांग्रेस और टीआरएस दो ही दल लड़ाई में हैं। सूत्र का कहना है कि कांग्रेस के साथ टीडीपी और तेलंगाना जनसमिति और सीपीआई के साथ आने से कई दर्जन सीटों पर लड़ाई कांटे की हो गई है।
कांग्रेस के दिग्गज नेता आरसी खुंटिया तेलंगाना में राजनीतिक अभियान को लेकर काफी सक्रिय हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना में अपना दौरा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। राहुल की पिछली जनसभाओं में काफी भीड़ उमड़ी थी। लिहाजा कांग्रेस पार्टी के भीतर तेलंगाना को लेकर उत्साह काफी बढ़ गया है।
22 को अहम बैठक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू काफी फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। माना जा रहा है कि वह 2019 में आंध्र प्रदेश में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की परिस्थितियों का आंकलन करके चल रहे हैं। इसी को केन्द्र में रखकर चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन(भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों की एकजुटता) की कवायद शुरू की है। नायडू महागठबंधन की धुरी बनना चाहते हैं। इस क्रम में वह 22 नवंबर को कई दलों के नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं। नायडू की इस पहल को ममता बनर्जी, जद(एस) के नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का समर्थन प्राप्त है। बताते हैं नायडू बसपा प्रमुख मायावती के भी लगातार संपर्क में हैं और उनकी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी चर्चा हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस तरह की किसी पहल पर कोई ऐतराज नहीं है।