तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले यहां सियासी हलचल तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के कार्यवाहक सीएम के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ओवैसी ने कहा कि केसीआर बिना किसी सपोर्ट के सीएम बनेंगे और हम उनके साथ खड़े रहेंगे। हमने किसी तरह की मांग नहीं की है, हम उनके साथ खड़े हैं न सिर्फ तेलंगाना की भलाई के लिए बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी।
बता दें कि दोनों पार्टियों ने यहां अलग-अलग चुनाव लड़ा है, लेकिन अंदरखाने दोनों के बीच दोस्ताना रिश्ता रहा है।
इससे पहले आज ओवैसी ने कहा था कि वह सोमवार को केसीआर (राव) से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य की ओर हमारा पहला कदम है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘मैं आज अपराह्र तेलंगाना के कार्यवाहक और अगले मुख्यमंत्री, केसीआर साहब से मुलाकात करूंगा। इंशाअल्लाह वह अपने बलबूते ही सरकार बनाएंगे और मजलिस उनके साथ खड़ी रहेगी। यह राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य की ओर हमारा पहला कदम है।
कांग्रेस ने बनाई यह रणनीति
वहीं, इसी तरह की एक और सियासी हलचल में तेलंगाना कांग्रेस के नेता जीएन रेड्डी ने कहा कि हम अपने सहयोगी दलों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्हें बताएंगे कि हमारा गठबंधन चुनाव से पहले हुआ है और मंगलवार को जैसा भी नतीजा आए हमारे गठबंधन को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में पहचाना जाए। अगर गठबंधन को बहुमत मिलता है तो राज्यपाल को सबसे पहले हमें मौका देना चाहिए।
टीआरएस ने इस बार अकेले ही चुनाव लड़ा और उसके सामने कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन था। इसमें तेलुगू देशम पार्टी और वामदल शामिल हैं। वहीं, ओवैसी ने सिर्फ हैदराबाद में ही अपने उम्मीदवार उतारे जहां उनका खासा प्रभाव है।
बता दें कि 11 दिसंबर को तेलंगाना सहित 5 राज्यों के चुनाव नतीजे आने हैं। तमाम एग्जिट पोल में टीआरएस को बहुमत मिलता दिख रहा है। के सी राव अकेले दम पर ही सरकार बना सकते हैं। रविवार को सियासी हलचल बढ़ाते हुए भाजपा ने टीआरएस को सशर्त समर्थन की पेशकश की थी।
भाजपा के तेलंगाना अध्यक्ष के. लक्ष्मण ने कहा था कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भाजपा टीआरएस का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि टीआरएस को यह साफ करना होगा कि वह कांग्रेस या ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का समर्थन नहीं लेगी। दिलचस्प है कि केसीआर और ओवैसी आधिकारिक रूप से साथ नहीं है मगर चुनाव से पहले सार्वजनिक तौर पर दोस्ती की बात स्वीकार कर चुके हैं।