तेलंगाना में शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में 73.20 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने शनिवार रात को बताया कि सर्वाधिक मतदान मधीरा विधानसभा क्षेत्र में हुआ। वहां 91.65 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसके बाद अलेयर में 91.33 फीसदी, मुनुगोडे में 91.07 फीसदी, नरसपुर में 90.53 फीसदी, भोंगीर में 90.53 और नरसामपेट में 90.06 फीसदी मतदान हुआ। सबसे कम मतदान चारमीनार में 40.18 फीसदी हुआ। इसके बाद याकूतपुरा में 41.24 फीसदी, मालकपेट में 42.74, नामपल्ली में 44.02, जुबली हिल्स में 45.61, चंद्रयानगुट्टा में 46.11 और सिकंदराबाद छावनी में 49.05 फीसदी मतदान हुआ।
चुनाव आयोग ने कहा, अब भी कई जगहों पर वोटिंग हो रही है। अब तक 67 फीसदी वोटिंग, पिछली बार 69य5 फीसदी मतदान हुआ था।
तेलंगाना में दोपहर तीन बजे तक 56.17 फीसदी मतदान हुआ।
तेलंगाना में सुबह 9 बजे तक 8.97 फीसदी मतदान हुआ।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री कादियान श्रीहरि ने वारंगल में अपना वोट डाला।
हैदराबाद में जुबली हिल्स में बूथ संख्या 152 में अपना वोट डालने के लिए अभिनेता अलू अर्जुन अपनी बारी के इंतजार में कतार में खड़े हैं।
अभिनेता अक्कीनेनी नागार्जुन और उनकी पत्नी और अभिनेत्री अमला अक्कीनेनी हैदराबाद के जुबली हिल्स में बूथ संख्या 151 में अपने वोट डालने के लिए एक कतार में खड़े हैं।
हैदराबाद: एंबरपेट में जीएचएमसी इंडोर स्टेडियम के मतदान केंद्र में तकनीकी समस्या के कारण मतदान अभी शुरू नहीं हुआ है। राज्य में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ।
तेलंगाना: राज्य सिंचाई मंत्री टी हरीश राव सिद्दीपेट क्षेत्र में मतदान बूथ संख्या 102 में अपना वोट डालते हुए।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने बताया कि चुनाव में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़नदस्ते मुस्तैद रहेंगे। वहीं, 448 निगरानी टीमें हालात पर नजर रखेंगी। साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीमें भी बनाई गई हैं। राज्य विधानसभा चुनाव को सुगम बनाने के लिए डेढ़ लाख से अधिक मतदान अधिकारी चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। राज्य में कुल 2. 80 करोड़ मतदाता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस चुनाव के लिए कुल 32,815 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जितेंद्र नेबताया कि 25,000 केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य राज्यों के 20,000 बलों सहित करीब एक लाख पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ - साथ होना था लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक छह सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुन कर एक बड़ा दाव चला था।
सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने टीडीपी, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ एक गठबंधन बनाया है। आरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है। राव अपनी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा।
कांग्रेस के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने चुनाव रैलियों के संबोधित किया, जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। राहुल ने तेदेपा प्रमुख व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एक संयुक्त सभा को भी संबोधित किया था।
हालांकि, पिछला चुनाव (2014) टीडीपी के साथ गठजोड़ कर लड़ने वाली भाजपा ने कहा कि उसने इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है। चुनाव मैदान में एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 1,821 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।