भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में यूपीए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने यूपीए के दस वर्षों को “खोए अवसरों का दशक” बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में अंतर है।
भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को लोकसभा में यूपीए सरकार की आलोचना की। उन्होंने यूपीए के दस साल के शासनकाल को खोए हुए अवसरों का दशक और कई मोर्चों पर विफल रहने के लिए बहानेबाजी का वृत्तांत करार दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि कमजोर नेतृत्व और महान नेतृत्व के बीच का अंतर ही कांग्रेस और भाजपा को अलग करता है।
भाजपा और कांग्रेस में फर्क- सूर्या
उन्होंने दावा किया कि यूपीए शासनकाल के दौरान राष्ट्रपति के भाषण में सरकार की कई मोर्चों पर विफलताओं के लिए बहानेबाजी झलकती थी। उन्होंने कहा कि कमजोर नेतृत्व बहाने बनाता है। वहीं, महान नेतृत्व चुनौतियों के बावजूद परिणाम देता है। उन्होंने कहा कि यही कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य अंतर है। अपने भाषण के दौरान, बंगलूरू (दक्षिण) के सांसद ने कहा कि दुनिया के विभिन्न समृद्ध लोकतंत्रों में नेता आए और गए। वहीं नरेंद्र मोदी भारी बहुमत के साथ रिकॉर्ड तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं।
यह भी पढ़ें- CM Mamata In Delhi: बंग भवन के पास दिल्ली पुलिस से भिड़ गईं ममता, SIR पीड़ितों के प्रति 'संवेदनशीलता' की मांग
भाजपा नेता ने दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रपति के भाषण में देश की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत का कोई जिक्र नहीं था। कुछ कांग्रेस सदस्यों के विरोध के बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सूर्या केवल राष्ट्रपति के भाषण की विषयवस्तु की बात कर रहे थे, किसी विशेष नेता की नहीं। केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया, जिसका सूर्या ने समर्थन किया।