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Tejas Express: देश की पहली प्राइवेट ट्रेन में सफर कर सकेंगे सरकारी कर्मी, ये कर्मचारी होंगे पात्र

सार

Tejas Express: अगर तेजस एक्सप्रेस ट्रेन, अपने निर्धारित समय से लेट हो जाती है, तो उसके यात्रियों को आईआरसीटीसी द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाता है। तेजस एक्सप्रेस के एक घंटा लेट होने पर यात्रियों को 100 रुपये और 2 घंटे से अधिक समय तक 250 रुपये मुआवजा दिया जाता है...
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Tejas Express - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की पहली प्राइवेट ट्रेन 'तेजस एक्सप्रेस' में अब केंद्रीय कर्मियों को सफर करने का मौका मिलेगा। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। जिस तरह से सरकारी कर्मियों को 'शताब्दी' रेलगाड़ी में यात्रा करने का अवसर मिलता था, उसी तर्ज पर मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मियों को 'तेजस एक्सप्रेस' में यात्रा करने की सुविधा प्रदान की है। हालांकि वित्त मंत्रालय द्वारा सरकारी कर्मियों के लिए यात्रा के कुछ नियम/शर्तें निर्धारित की गई हैं।

कोरोना काल में लंबे समय तक बंद रही यह ट्रेन

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 12 सितंबर को यह आदेश जारी किया है। तेजस एक्सप्रेस की शुरूआत 24 मई 2017 को हुई थी। पहले दिन यह गाड़ी मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से गोवा करमाली के बीच चली थी। हालांकि देश की पहली प्राइवेट ट्रेन के तौर पर 'तेजस एक्सप्रेस' ने 4 अक्तूबर 2019 को रफ्तार पकड़ी थी। इस गाड़ी के किराये में उतार-चढ़ाव होता रहता है। कोरोना महामारी के दौरान यह ट्रेन लंबे समय तक बंद रही थी। इसे अक्तूबर 2020 में दोबारा से चलाने का फैसला लिया गया था। लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई, इन दोनों रेलमार्गों पर तेजस एक्सप्रेस शुरू की गई।

इन लोगों को मिलेगी यात्रा की इजाजत

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग का कहना है कि अब सरकारी कर्मचारी इस ट्रेन में सफर कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। तेजस एक्सप्रेस में केवल उन्हीं कर्मियों को सफर करने की इजाजत मिलेगी जो...

  • किसी सरकारी दौर पर जा रहे हैं
  • या फिर उन्हें किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बनने के लिए जाना है।
  • जिन सरकारी कर्मियों का तबादला हुआ है और उन्हें नई पोस्टिंग वाले स्थान पर ज्वाइन करना है।
  • सरकारी कर्मचारी रिटायर हुआ है और उसे वहां से अपने मूल स्थान पर जाना है।

ऐसे सभी मामलों में केंद्रीय कर्मी, तेजस एक्सप्रेस में सफर कर सकते हैं। कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, सरकारी दौरे पर तेजस एक्सप्रेस रेलगाड़ी द्वारा यात्रा की स्वीकार्यता के मामले में वित्त विभाग में विचार किया गया है। 13 जुलाई 2017 के कार्यालय ज्ञापन के पैरा 2क (ii) में उल्लिखित गाड़ियों के अलावा तेजस एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में यात्रा करने की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया है। तेजस एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में यात्रा की हकदारी इस विभाग के दिनांक 13 जुलाई 2017 के समसंख्यक कार्यालय ज्ञापन के पैरा 2क (ii) में यथा उल्लिखित शताब्दी रेलगाड़ियों के समान होगी।

लेट होने पर मुआवजे का प्रावधान

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने तेजस एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं प्रदान की हैं। यात्रियों को मुआवजा देना, इन्हीं सुविधाओं में से एक है। अगर तेजस एक्सप्रेस ट्रेन, अपने निर्धारित समय से लेट हो जाती है, तो उसके यात्रियों को आईआरसीटीसी द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाता है। इन नियमों के अनुसार, तेजस एक्सप्रेस के एक घंटा लेट होने पर यात्रियों को 100 रुपये और 2 घंटे से अधिक समय तक ये ट्रेन लेट होती है तो यात्रियों को 250 रुपये मुआवजा दिया जाता है। यह कॉर्पोरेट ट्रेन, 20 अक्तूबर 2019 में पहली बार लेट हुई थी। उस वक्त तेजस एक्सप्रेस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी।

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