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Karnataka: यौन उपचार के नाम पर इंजीनियर से झोलाझाप डॉक्टर ने की 48 लाख की ठगी, किडनी को भी नुकसान पहुंचा

Sun, 23 Nov 2025 11:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

Karnataka: कर्नाटक के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने यौन स्वास्थ्य के नाम पर एक झोलाछाप डॉक्टर को 48 लाख रुपये दे दिए। झोलाझाप डॉक्टर के कहने पर इंजीनियर ने दवाइयां खरीदी। इस बात का शक है कि इससे उसकी किडनी को नुकसान हुआ। 
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पुलिस मामले की जांच में जुटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित तौर पर 'यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या' के नाम पर एक झोलाछाप डॉक्टर को 48 लाख रुपये दे दिए। यह भी शक है कि उसकी दी गई दवाइयों से इंजीनियर की किडनी को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
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शिवमोगा के रहने वाले इस इंजीनियर की शिकायत पर शनिवार को ज्ञानभारती थाने में झोलाछाप और एक मेडिकल की दुकान के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

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पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने शुरुआत में केंगेरी के एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में अपने यौन संबंधी स्वास्थ्य मुद्दों के लिए परामर्श लिया था और उसे वहां से दवाइयाँ भी दी गई थीं। लेकिन तीन मई को उसने शहर में एक तंबू देखा जिस पर 'यौन समस्याओं का त्वरित इलाज' लिखकर विज्ञापन लगाया गया था।

वह उस तंबू में गया और वहां उसकी मुलाकात विजय गुरुजी नाम के व्यक्ति से हुई। गुरुजी ने उसे आयुर्वेदिक तरीके से समस्या का स्थायी इलाज देने का दावा किया। जांच के बाद गुरुजी ने उसे 'देवराज बूटी' नाम की एक दवा लिखकर दी। उसने बताया कि दवाई हरिद्वार से मंगाई गई है और यशवंतपुर की एक आयुर्वेदिक दुकान में मिलती है।

शिकायतकर्ता ने यह दवा 1.6 लाख रुपये प्रति ग्राम की दर से नकद खरीद ली, क्योंकि डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं थी। इसके बाद झोलाछाप ने उसे 'भावना बूटी तैल' नाम की 15 ग्राम दवा लेने को कहा, जिसकी कीमत 76,000 रुपये प्रति ग्राम थी। फिर उसने 'देवराज रसबूटी' नाम की एक और दवा के चार ग्राम खरीद लिए, जिसकी कीमत 2.6 लाख रुपये प्रति ग्राम थी।

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कुल मिलाकर शिकायतकर्ता ने दवाइयों पर 48 लाख रुपये खर्च कर दिए। पुलिस के अनुसार उसने 17 लाख रुपये अपनी पत्नी और माता-पिता, 20 लाख रुपये बैंक से ऋण और बाकी पैसे दोस्तों से उधार लिए।

पुलिस ने कहा कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में मेडिकल जांच में पता चला कि उसकी किडनी को नुकसान हो गया है, जो संभवतः इन दवाइयों की वजह से हुआ। जब उसने गुरुजी से इस बारे में पूछा तो गुरुजी ने उसे दवाइयां बंद न करने की चेतावनी दी और कहा कि दवा बंद करने पर उसकी सेहत और बिगड़ जाएगी।



 
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