देश के टॉप वैज्ञानिकों की एक टीम दिल्ली के प्रदूषण पर 24 घंटे निगाह रखेगी। दिल्ली सचिवालय में बने वॉर रूम के जरिए सभी प्रमुख प्रदूषणकारी तत्त्वों की रीयल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी। नासा और इसरो से प्राप्त चित्रों के माध्यम से दिल्ली और आसपास के राज्यों में पराली जलाए जाने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी जिससे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके।
राजधानी के लोग कहीं भी प्रदूषण की जानकारी मिलने पर एक ऐप पर इसके बारे में शिकायत कर सकेंगे। शिकायत मिलते ही उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। यह सब वॉर रूम में बैठी विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम डीपीसीसी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों डॉ. मोहन जॉर्ज और डॉ बीएल चावला के नेतृत्व में काम करेगी।
दिल्ली सचिवालय के वार रूम में तीन विशेष स्क्रीन पैनल बनाए गए हैं। पहले स्क्रीन पैनल पर 40 रियल टाइम मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। इस पैनल में प्रमुख प्रदूषणकारी तत्त्वों पीएम-2.5, पीएम-10, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइ़ड और ओजोन गैसों की स्थिति की रीयल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
दिल्ली की 13 जगहों पर प्रदूषण के विभिन्न तत्त्वों की मॉनीटरिंग के पैनल लगाए गए हैं। इनसे प्राप्त जानकारी दूसरे पैनल के माध्यम से विशेषज्ञों की टीम को मिलती रहेगी। तीसरी स्क्रीन पर नासा और इसरो से प्राप्त रीयल टाइम चित्रों का मूल्यांकन किया जाता रहेगा। इससे पूरी दिल्ली में कहीं भी प्रदूषणकारी गतिविधियों के बढ़ने पर उसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाया जा सकेगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार को 'युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध' अभियान के वॉर रूम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध हर नागरिक के सहयोग से ही संभव और सफल हो सकता है। यही कारण है कि वे सभी नागरिकों से प्रदूषण को कम करने में सहयोग की अपील करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं प्रदूषणण न करने के साथ-साथ अगर कहीं प्रदूषण होता पाया जाता है तो लोग इसके बारे में शिकायत भी करें जिससे इस पर तुरंत काबू पाया जा सके और इसको रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम दिल्ली को एक साफ-स्वच्छ शहर बनाने में कामयाब रहेंगे।